उत्तर भारत की पहली टेक्नोलॉजी-आधारित गर्ल्स फुटबॉल एकेडमी जावर में शुरू
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उत्तर भारत की पहली टेक्नोलॉजी-आधारित गर्ल्स फुटबॉल एकेडमी जावर में शुरू
हिन्दुस्तान जिंक व एआईएफएफ की साझेदारी से बालिकाओं को मिलेगा विश्वस्तरीय प्रशिक्षण
उदयपुर। 31 जुलाई
हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड और अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) ने जावर (उदयपुर) में उत्तर भारत की पहली टेक्नोलॉजी आधारित गर्ल्स फुटबॉल एकेडमी की शुरुआत की। यह पहल महिला फुटबॉल को बढ़ावा देने और ग्रामीण बालिकाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
यह एकेडमी हिन्दुस्तान जिंक के सीएसआर कार्यक्रम के तहत संचालित होगी, जिसमें AIFF तकनीकी मार्गदर्शन, कोचिंग, स्काउटिंग व प्रशिक्षण सहायता देगा। पहले बैच में राजस्थान, हरियाणा, झारखंड, गुजरात और पश्चिम बंगाल से 15 वर्ष से कम आयु की 20 बालिकाएं शामिल हुई हैं। अगले 12-18 महीनों में यह संख्या 60 की जाएगी।
अकादमी में तीन फीफा क्वालिटी टर्फ, प्राकृतिक घास के मैदान, मल्टी-स्पोर्ट ग्राउंड, छात्रावास व कक्षा सुविधाएं उपलब्ध हैं। एफ-क्यूब टेक्नोलॉजी से खिलाड़ी के कौशल, फिटनेस और मानसिक विकास का विश्लेषण किया जाएगा।
AIFF अध्यक्ष कल्याण चौबे ने कहा, “यह पहल महिला फुटबॉल के लिए मील का पत्थर है।” हिन्दुस्तान जिंक की चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने कहा, “यह अकादमी केवल खेल नहीं, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का मंच है।” पिछले 40 वर्षों से हिन्दुस्तान जिंक जावर में फुटबॉल टूर्नामेंट आयोजित करता रहा है और अब यह पहल खेल के क्षेत्र में एक नई क्रांति लाने का कार्य करेगी।
