चित्तौड़गढ़ का मधुबन चौराहा बना मौत का जाल
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हादसों से दहशत, स्पीड ब्रेकर और बैरिकेड्स लगाने की उठी मांग
चित्तौड़गढ़, 20 अगस्त: शहर का मधुबन क्षेत्र स्थित चौराहा अब बड़ा एक्सीडेंटल ज़ोन बन गया है। यहां स्पीड ब्रेकर और बैरिकेड्स की कमी के कारण आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। हाल ही में 17 अगस्त की रात हुए हादसे में अमित जैन गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनकी पत्नी मोनिका जैन की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्रवासियों का गुस्सा और बढ़ गया है।
प्रशासन से सुरक्षा इंतजाम की मांग
मधुबन क्षेत्र के लोगों ने लगातार हो रही दुर्घटनाओं से परेशान होकर अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रभा गौतम से मुलाकात की। उन्होंने चौराहे पर स्पीड ब्रेकर, बैरिकेड्स और संकेतक लगाने की मांग रखी। लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन इस चौराहे को एक्सीडेंटल जोन मान चुका है, फिर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पार्षद पति ने जताई चिंता
पार्षद पति नीरज सुखवाल ने बताया कि निंबाहेड़ा रोड पर स्थित यह मधुबन चौराहा शहर का सबसे संवेदनशील स्थान बन चुका है। एंट्री कट पर न तो स्पीड ब्रेकर हैं और न ही बैरिकेड्स। तेज रफ्तार वाहन अनियंत्रित होकर सीधे टकरा जाते हैं। यही लापरवाही हादसों की बड़ी वजह है।
जल्द कार्रवाई की उम्मीद
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अब और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर प्रशासन समय रहते ठोस कदम नहीं उठाता, तो लोग आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं। उनकी मांग है कि प्रशासन तुरंत कार्रवाई कर चौराहे को सुरक्षित बनाए ताकि और मासूम जानें न जाएं।
लोगों की मुख्य मांगें
एंट्री कट और सीताफल केंद्र के सामने ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त की जाए।
कट पॉइंट पर बने गड्ढों को तुरंत भरा जाए।
हादसे रोकने के लिए स्पीड ब्रेकर, बैरिकेड्स और रोड संकेतक लगाए जाएं।
चौराहे के पास खुले नालों को ढका जाए ताकि पैदल चलने वालों को परेशानी न हो।
सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों को हटाकर अतिक्रमण समाप्त किया जाए।
