डूंगरपुर जिला जेल में क्षमता से कई गुना अधिक बंदी
Share
जिला न्यायाधीश ने जताई गंभीर चिंता, बोले—भीड़भाड़ से सुरक्षा और मानवाधिकार पर बड़ा खतरा
डूंगरपुर, 28 नवंबर : डूंगरपुर जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) अध्यक्ष ने शुक्रवार को जिला कारागृह का निरीक्षण किया। निरीक्षण में सामने आए हालातों ने न्यायाधीश को चिंतित कर दिया। जेल में स्वीकृत क्षमता से कहीं अधिक बंदियों की मौजूदगी को उन्होंने मानवाधिकारों के विरुद्ध बताते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण में पाया गया कि कारागृह में बंदियों की संख्या अनुमोदित क्षमता से काफी ज्यादा है। न्यायाधीश ने स्पष्ट कहा कि अत्यधिक भीड़भाड़ से न केवल सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होती है, बल्कि बंदियों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित करना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। उन्होंने चेताया कि भीड़भाड़ का सीधा असर बंदियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और न्याय प्रक्रिया पर पड़ता है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला न्यायाधीश ने DLSA सचिव और चीफ लीगल एड डिफेन्स काउंसिल (LADC) को निर्देश दिए कि सभी विचाराधीन बंदियों के लंबित मामलों की विस्तृत सूची तुरंत तैयार की जाए। जहां जमानत या शीघ्र सुनवाई संभव है, वहां प्रभावी पैरवी कर जल्द राहत दिलाई जाए। LADC को आवश्यक मामलों में त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
साथ ही जेल प्रशासन को आदेश दिया गया कि भीड़भाड़ के बावजूद बंदियों के लिए स्वच्छ पेयजल, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं और बुनियादी सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध कराई जाएं।
DLSA ने स्पष्ट किया कि वह बंदियों के मानवाधिकारों की रक्षा और जेल सुधार की निरंतर निगरानी के लिए प्रतिबद्ध है।
