पाकिस्तान में बाढ़ और बारिश से तबाही: मृतकों की संख्या 160 के पार, कई लापता
Share
PoK और खैबर पख्तूनख्वा सबसे ज्यादा प्रभावित, राहत कार्य जारी
डिजिटल डेस्क, उदयपुर: पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में बीते 24 घंटे में मूसलधार बारिश और बादल फटने के कारण अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग लापता हैं। बाढ़ और भूस्खलन की वजह से कई इलाके जलमग्न हो गए हैं, और प्रमुख सड़क मार्ग बंद हो गए हैं।
खैबर पख्तूनख्वा में सबसे अधिक मौतें
सबसे ज्यादा नुकसान खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुआ है। यहां बुनेर जिले में 75, मनसेहरा में 17, जबकि बाजौर और बटाग्राम जिलों में 18-18 लोगों की जान गई है। प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) के प्रवक्ता फैजी के अनुसार, “बादल फटने और बाढ़ के कारण 125 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं।” मृतकों की संख्या में और इजाफा होने की आशंका जताई गई है।
नदियों का बढ़ा जलस्तर, गांवों में तबाही
लगातार बारिश के चलते पंजकोरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। बाजौर जिले के जबरारी और सालारजई क्षेत्रों में बाढ़ और भूस्खलन से भारी नुकसान हुआ है। जबरारी गांव में बादल फटने से आई बाढ़ में नौ लोगों की मौत हुई, जबकि 17 अब भी लापता हैं। मनसेहरा जिले में कघन राजमार्ग पर एक कार उफनती धारा में बह गई, जिसमें दो लोगों की मौत और एक घायल हुआ।
सड़क मार्ग बाधित, पर्यटक फंसे
भारी बारिश से काराकोरम और बाल्टिस्तान राजमार्ग सहित कई प्रमुख सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। उत्तर-पूर्वी नीलम घाटी में पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है, जबकि रत्ती गली झील के पास करीब 600 पर्यटकों को वहां ही ठहरने की सलाह दी गई है। झेलम घाटी में पलहोट के पास बादल फटने से सड़क टूट गई और दर्जनों वाहन फंस गए।
राहत सामग्री ले जा रहा हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त
खैबर पख्तूनख्वा में राहत सामग्री ले जा रहा एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर खराब मौसम के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में दो पायलटों सहित चालक दल के सभी पांच सदस्य मारे गए। हेलीकॉप्टर ने पेशावर से बाजौर के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन मोहमंद जिले के पास उसका संपर्क टूट गया।
सरकारी राहत कार्य तेज
मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर ने प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। दर्जनों घर, वाहन, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र बर्बाद हो गए हैं। प्रशासन लगातार लोगों को सुरक्षित निकालने और जरूरी सहायता पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।
