पीएम मोदी गलवान झड़प के बाद पहली बार चीन जाएंगे
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31 अगस्त से SCO समिट में लेंगे हिस्सा
ब्रिक्स के बाद जिनपिंग से फिर होगी मुलाकात
भारत-जापान सम्मेलन में भी होंगे शामिल
नई दिल्ली। 6 अगस्त
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अगस्त और 1 सितंबर को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में हिस्सा लेने के लिए चीन का दौरा करेंगे। यह उनकी पहली चीन यात्रा होगी, जो जून 2020 में गलवान घाटी में भारत-चीन के बीच हुई सैन्य झड़प के बाद हो रही है। बतौर प्रधानमंत्री यह मोदी का छठा चीन दौरा होगा, जो किसी भी भारतीय पीएम का अब तक का सर्वाधिक है।
चीन यात्रा से पहले पीएम मोदी 30 अगस्त को जापान जाएंगे, जहां वह भारत-जापान शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। SCO समिट में पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बातचीत की संभावना है। इससे पहले दोनों नेता अक्टूबर 2024 में रूस के कजान शहर में ब्रिक्स समिट में मिले थे, जहां 50 मिनट तक आपसी चर्चा हुई थी। उस बातचीत में मोदी ने सीमा पर शांति, आपसी सम्मान और विश्वास को प्राथमिकता देने की बात कही थी।
पिछले महीने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी चीन का दौरा किया था। उन्होंने शी जिनपिंग और चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात कर LAC, व्यापार प्रतिबंध और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर चर्चा की थी। यह दौरा पीएम मोदी की यात्रा के लिए रोडमैप तैयार करने वाला माना गया।
SCO की स्थापना 2001 में हुई थी। इसमें चीन, रूस, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान, किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान, भारत, पाकिस्तान और ईरान सदस्य हैं। संगठन क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी कार्रवाई, आर्थिक सहयोग और साइबर अपराध जैसी चुनौतियों पर संयुक्त प्रयास करता है।
मोदी और जिनपिंग की यह मुलाकात भारत-चीन संबंधों को सुधारने और सीमा तनाव को कम करने के लिहाज से अहम मानी जा रही है। आखिरी बार शी जिनपिंग 2019 में भारत आए थे।
