पुतिन-ट्रम्प की मीटिंग के बाद पीएम मोदी से चर्चा
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भारत ने शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन दोहराया
नई दिल्ली। 18 अगस्त
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 18 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ अपनी हालिया मीटिंग की जानकारी साझा की। यह मीटिंग अलास्का में 15 अगस्त की देर रात हुई थी, जिसमें यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने को लेकर करीब तीन घंटे तक बातचीत हुई, हालांकि कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।
मोदी ने दोहराया- भारत शांति प्रयासों का समर्थक
प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन से कहा कि भारत यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर है और इस दिशा में होने वाले सभी प्रयासों का समर्थन करता है। उन्होंने पुतिन को बातचीत की जानकारी साझा करने के लिए धन्यवाद दिया और भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया।
ट्रम्प ने दी बैठक को 10 में से 10 रेटिंग
डोनाल्ड ट्रम्प ने पुतिन के साथ हुई मीटिंग को “अच्छा संवाद” बताया और कहा कि कई मुद्दों पर सहमति बनी, लेकिन अभी कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ है। ट्रम्प ने कहा कि समझौता तभी होगा जब वह पूरी तरह तैयार होगा। पुतिन ने अगली बैठक के लिए मॉस्को का प्रस्ताव रखा।
जेलेंस्की ने भी की पीएम मोदी से बातचीत
12 अगस्त को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भी पीएम मोदी से फोन पर बात की थी। उन्होंने मोदी को रूसी हमलों की जानकारी दी, खासकर जापोरिझिया में हुए बस स्टेशन हमले की, जिसमें कई लोग घायल हुए थे।
जेलेंस्की ने कहा कि भारत यूक्रेन के शांति प्रयासों का समर्थन करता है और यह भी स्पष्ट किया कि यूक्रेन से जुड़ा हर निर्णय यूक्रेन की भागीदारी से ही होना चाहिए।
पुतिन के भारत दौरे की पुष्टि
प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन की बातचीत में यह तय हुआ कि पुतिन 2025 के आखिरी हफ्ते में भारत का दौरा करेंगे। NSA अजीत डोभाल ने पहले ही रूसी रक्षा मंत्री से मुलाकात में इस दौरे की संभावना जताई थी।
ट्रम्प की टैरिफ नीति के बीच दौरा अहम
डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ (पहले 25%, फिर 50%) के चलते यह दौरा और भी महत्वपूर्ण हो गया है। ट्रम्प ने भारत के रूस से तेल खरीदने को इसका कारण बताया था।
भारत-रूस ऊर्जा संबंध और रणनीतिक साझेदारी
भारत रूस से चीन के बाद सबसे ज्यादा तेल खरीदता है। युद्ध से पहले भारत केवल 0.2% तेल रूस से खरीदता था, जो अब बढ़कर लगभग 17.8 लाख बैरल प्रतिदिन हो गया है। पिछले दो वर्षों से भारत हर साल रूस से 130 अरब डॉलर से अधिक का तेल आयात कर रहा है।
मोदी को मिला रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान
पिछले दौरे के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को रूस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ से सम्मानित किया था। इस सम्मान से दोनों देशों के बीच रिश्ते और भी मजबूत हुए हैं।
