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राज्यपाल बागड़े ने जनजाति अंचल में मनाया कार्यकाल का एक वर्ष

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राज्यपाल बागड़े ने जनजाति अंचल में मनाया कार्यकाल का एक वर्ष

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राज्यपाल बागड़े ने जनजाति अंचल में मनाया कार्यकाल का एक वर्ष
कोटड़ा के बिलवन गांव में किया आत्मीय संवाद, लोक संस्कृति से हुए अभिभूत

उदयपुर। 30 जुलाई
राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने अपने कार्यकाल के एक वर्ष पूर्ण होने का उत्सव सुदूरवर्ती जनजातीय क्षेत्र कोटड़ा की ग्राम पंचायत बिलवन में आदिवासी समाज के बीच मनाया। उन्होंने इसे जनजातीय कल्याण को समर्पित कार्यकाल बताते हुए ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं और विकास योजनाओं की जानकारी ली।
जनजातीय संस्कृति के साथ सादगी से उत्सव
डबोक एयरपोर्ट पहुंचने पर अधिकारियों ने राज्यपाल की अगवानी की, इसके बाद वे हेलिकॉप्टर से बिलवन पहुंचे। यहां जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, पूर्व विधायक नानालाल अहारी, अतिरिक्त मुख्य सचिव टीएडी कुंजीलाल मीणा, संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी, कलेक्टर नमित मेहता, पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल सहित कई जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने परंपरागत गैर नृत्य और तीर-कमान भेंट कर उनका स्वागत किया।
राज्यपाल ने ग्रामीणों से की संवादात्मक चर्चा
संवाद कार्यक्रम में राज्यपाल बागड़े ने ग्रामीणों से कहा कि आदिवासी समाज ने ऐतिहासिक रूप से देश और संस्कृति की रक्षा में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने महाराणा प्रताप को सहयोग देने वाले राणा पुंजा, राजा डुंगरिया भील, राजा कोटिया भील सहित कई आदिवासी योद्धाओं का स्मरण करते हुए समाज के योगदान को सराहा।
शिक्षा को बताया गरीबी दूर करने का मार्ग
राज्यपाल ने कहा कि समाज का सतत उत्थान केवल शिक्षा से संभव है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा, “राजस्थान में कहावत है कि पूत सिखावे पालने, अर्थात प्रारंभिक शिक्षा ही नींव मजबूत करती है।” उन्होंने सरकारी आवासीय छात्रावासों का लाभ उठाने की सलाह दी।
योजनाओं से मिली राहत, ग्रामीणों ने साझा किए अनुभव
पीएम आवास योजना के लाभार्थियों ने राज्यपाल को बताया कि पक्के मकान मिलने से जीवन सुरक्षित और सुविधाजनक हुआ है। लाभार्थी शिवम् ने बताया कि अब जंगलों से लकड़ी नहीं काटनी पड़ती, जिससे पर्यावरण भी सुरक्षित हुआ है। रमेश और रेशमी ने कहा कि अब बारिश से डर नहीं लगता और बच्चों को पढ़ाई का बेहतर माहौल मिला है।
लोक संस्कृति की रंगारंग प्रस्तुतियां
कार्यक्रम में पर्यटन विभाग के तत्वावधान में गरासिया, गवरी, कथौड़ी और ढोल नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियों ने समां बांधा। मेवाड़ की समृद्ध संस्कृति की झलक से राज्यपाल अभिभूत हो उठे। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत देश की असली पहचान है और इसे संजोने की आवश्यकता है।
लाभार्थी संवाद, मेडिकल कैम्प निरीक्षण आज
राज्यपाल बागड़े गुरुवार सुबह 8.50 बजे एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय खेल मैदान में आयोजित लाभार्थी संवाद कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। जिला प्रशासन की ओर से आयोजित चिकित्सा शिविर का अवलोकन करेंगे। जिसके बाद विवेकानंद मॉडल स्कूल के बालिका छात्रावास का निरीक्षण कर छात्राओं से संवाद करेंगे। दोपहर 2.15 बजे मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित व्याख्यानमाला कार्यक्रम में भाग लेंगे। अपराह्न 3.50 बजे शिल्पग्राम पहुंच कर अवलोकन करेंगे। जिसके बाद 4.55 बजे डबोक एयरपोर्ट के जरिए जयपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।

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