रूस में 600 साल बाद फटा क्रशेनिनिकोव ज्वालामुखी
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6 KM तक फैला राख का गुबार; हालिया भूकंप से जुड़ा हो सकता है संबंध
मॉस्को। 3 अगस्त
रूस के कामचटका प्रायद्वीप में 600 साल बाद क्रशेनिनिकोव ज्वालामुखी में जोरदार विस्फोट हुआ। 2 अगस्त को हुए विस्फोट के बाद 1856 मीटर ऊंचे इस ज्वालामुखी से 6 हजार मीटर (6 किमी) की ऊंचाई तक राख का गुबार फैल गया, जिससे क्षेत्रीय हवाई यातायात पर प्रभाव पड़ा।
रूसी इमरजेंसी मंत्रालय ने इसे “ऑरेंज एविएशन कोड” घोषित कर विमानों के लिए खतरे की चेतावनी दी है। साथ ही लोगों को आसपास के क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह विस्फोट 4 दिन पहले कामचटका में आए 8.8 तीव्रता के भूकंप से जुड़ा हो सकता है, जो अब तक का दुनिया का छठा सबसे शक्तिशाली भूकंप था।
क्रशेनिनिकोव ज्वालामुखी क्रोनोत्स्की नेचर रिजर्व के पास पूर्वी कामचटका में स्थित है और पिछली बार 1463 में सक्रिय हुआ था। यह क्षेत्र ‘रिंग ऑफ फायर’ में आता है, जहां धरती की प्रमुख टेक्टोनिक प्लेट्स के मिलने से भूकंप और ज्वालामुखी की घटनाएं आम हैं।
जुलाई में इस क्षेत्र में छह शक्तिशाली भूकंप आ चुके हैं। इससे पहले क्ल्यूचेव्स्काया सोपका ज्वालामुखी भी सक्रिय हुआ था, जो यूरेशिया का सबसे एक्टिव ज्वालामुखी है।
दुनिया के 75% सक्रिय ज्वालामुखी रिंग ऑफ फायर के पास स्थित हैं और 90% भूकंप भी यहीं आते हैं। इस क्षेत्र में जापान, रूस, चिली, अमेरिका जैसे 15 देश शामिल हैं।
