स्क्रब टाइफस के बाद अब दो और खतरे
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After scrub typhus, now two more dangers
जिलों में मिले ब्रूसेलोसिस व लेप्टोस्पायरोसिस के मरीज, विभाग ने जारी किया अलर्ट
सुभाष शर्मा
उदयपुर, 5 सितम्बर: प्रदेश में स्क्रब टाइफस के बाद अब दो और पशु जनित रोगों का खतरा मंडराने लगा है। जयपुर सहित नौ जिलों में ब्रूसेलोसिस और लेप्टोस्पायरोसिस के मरीज सामने आए हैं। स्थिति को देखते हुए चिकित्सा विभाग ने सभी जिलों को अलर्ट जारी करते हुए रोकथाम, पहचान और उपचार संबंधी गाइडलाइन भेजी है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक ब्रूसेलोसिस के 15 पॉजिटिव रोगी मिले हैं। इनमें जयपुर, करौली, सवाई माधोपुर और चूरू से दो-दो मरीज तथा अलवर, दौसा, सीकर और धौलपुर से एक-एक मरीज शामिल हैं।
वहीं लेप्टोस्पायरोसिस के 20 पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। इनमें सर्वाधिक चार मरीज जयपुर में मिले हैं। इसके अलावा अलवर और दौसा में दो-दो, जबकि सीकर, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर, चूरू और कोटा में एक-एक मरीज पाए गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार दुधारू पशु, खेती में उपयोग लिए जाने वाले बैल-भैंस और पालतू कुत्ते तक इस संक्रमण का स्रोत हो सकते हैं।
कैसे फैलते हैं रोग
ब्रूसेलोसिस : दूषित दूध, मांस या संक्रमित पशुओं के संपर्क से फैलता है। लक्षणों में तेज बुखार, थकान, वजन घटना, सिरदर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द शामिल हैं।
लेप्टोस्पायरोसिस : संक्रमित पशुओं के मूत्र से दूषित पानी या मिट्टी द्वारा फैलता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, आंखों की लाली, उल्टी-दस्त, पीलिया और गंभीर स्थिति में किडनी/लिवर फेलियर तक हो सकता है।
बचाव और उपचार
ब्रूसेलोसिस : वयस्कों को डॉक्सीसाइक्लिन 100 mg दिन में दो बार, 6 हफ्ते तक।
लेप्टोस्पायरोसिस : वयस्कों को डॉक्सीसाइक्लिन 100 mg दिन में दो बार, 7 दिन। गर्भवती महिलाओं को एमोक्सिसिलिन 500 mg हर 6 घंटे, बच्चों को एमोक्सिसिलिन/एम्पीसिलिन 30–50 mg/kg प्रतिदिन 7 दिन।
गर्म दूध का सेवन सहित कई सलाह
चिकित्सा निदेशक (जन स्वास्थ्य) डॉ. रवि प्रकाश माथुर ने लोगों को सलाह दी है कि दूध हमेशा उबालकर ही सेवन करें। संक्रमित पशुओं से संपर्क की स्थिति में दस्ताने व मास्क का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि हाथों की सफाई पर विशेष ध्यान दें और उच्च जोखिम वाले लोगों को प्रति सप्ताह 200 mg डॉक्सीसाइक्लिन की प्रिवेंटिव खुराक लेने की भी सलाह दी।
