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धोलियाजी पर्वत के विकास को चाहिए थे 40 करोड़, फिलहाल 3 करोड़ की स्वीकृति

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धोलियाजी पर्वत के विकास को चाहिए थे 40 करोड़, फिलहाल 3 करोड़ की स्वीकृति

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धोलियाजी पर्वत बनेगा राजस्थान का नया ‘माउंट एवरेस्ट’
उदयपुर, 18 फरवरी (सुभाष शर्मा):
राजस्थान के उदयपुर जिले में स्थित धोलियाजी पर्वत को पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर लाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गोगुंदा क्षेत्र की अरावली पर्वतमाला में स्थित इस ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल को विकसित कर नया टूरिस्ट हॉटस्पॉट बनाने की घोषणा संशोधित बजट में की गई है।
सरकार की योजना के तहत यहां सड़क निर्माण, पार्क विकास और रोप-वे जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि महाराणा प्रताप के राजतिलक स्थल गोगुंदा को भी नई पहचान मिल सकेगी।
अरावली की ऊंची चोटियों में शामिल धोलियाजी पर्वत
उदयपुर से लगभग 30 किलोमीटर दूर गोगुंदा कस्बे के पास स्थित धोलियाजी पर्वत अरावली की प्रमुख चोटियों में गिना जाता है। इसकी ऊंचाई करीब 1147 मीटर बताई जाती है, जिसके चलते इसे राजस्थान की दूसरी सबसे ऊंची चोटी माना जाता है।
पर्वत की चोटी पर धोलियाजी बाउजी का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यहां से प्राकृतिक दृश्य बेहद आकर्षक हैं और ट्रैकिंग प्रेमियों के लिए यह स्थान खास अनुभव देता है।
महाराणा प्रताप के इतिहास से जुड़ा गोगुंदा
गोगुंदा महाराणा प्रताप के राज्याभिषेक का ऐतिहासिक स्थल रहा है। पास ही मायरा की गुफा स्थित है, जिसे महाराणा प्रताप का शस्त्रागार माना जाता है। कहा जाता है कि मुगलों के खिलाफ रणनीतियां इसी क्षेत्र में तैयार की जाती थीं।
धोलियाजी पर्वत को लेकर यह भी मान्यता है कि जब गोगुंदा मेवाड़ की राजधानी थी, तब इस चोटी से पूरे क्षेत्र पर निगरानी रखी जाती थी और सेना की तैनाती भी यहीं रहती थी।
गोगुंदा एसडीएम ने भेजा था 40 करोड़ का प्रस्ताव
गोगुंदा एसडीएम डॉ. नरेश सोनी के अनुसार पर्यटन स्थल को बड़े स्तर पर विकसित करने के लिए राज्य सरकार को 40 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा गया था। प्रस्ताव में बंजी जंपिंग, पैराग्लाइडिंग, ग्लास पथ, जंगल सफारी, लेजर लाइट शो, सेल्फी पॉइंट, चिल्ड्रन पार्क और कैफेटेरिया जैसी सुविधाएं शामिल हैं। हालांकि शुरुआत में डीएमएफटी से केवल 3 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है, जो अपेक्षित बजट से काफी कम है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित राशि पूरी तरह स्वीकृत होती है, तो धोलियाजी पर्वत राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल होकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकता है।

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