हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद नहीं मिली नियुक्ति, बढ़ा आक्रोश
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हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद नहीं मिली नियुक्ति, बढ़ा आक्रोश
उदयपुर। 1 अगस्त
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड-2022 में चयन की पात्रता रखने के बावजूद नियुक्ति नहीं मिलने से बांसवाड़ा के जनजाति अंचल के युवा आक्रोशित हैं। हाई कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद शिक्षा विभाग द्वारा नियुक्ति आदेश जारी नहीं किए गए, जिससे युवाओं में प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग के प्रति रोष गहरा गया है।
राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए राज्यपाल, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजकर न्यायालय के आदेश की पालना करते हुए तुरंत नियुक्तियां देने की मांग की है। संघ के प्रदेश प्रशासनिक अध्यक्ष सियाराम शर्मा ने आरोप लगाया कि योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हो रहा है।
ज्ञापन में बताया गया कि हिंदी विषय में टीएसपी क्षेत्र की कटऑफ 208.5556 अंक रही, जबकि बांसवाड़ा के संजय राठौड़ के 212.7659 अंक थे। दस्तावेज सत्यापन 28 जून 2023 को हो चुका था और वरीयता सूची में वे प्रथम स्थान पर थे, फिर भी उन्हें अपात्र घोषित कर नियुक्ति से वंचित कर दिया गया।
संजय राठौड़ ने इस अन्याय के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिस पर कोर्ट ने 13 मई 2024 को उन्हें नियुक्ति देने का आदेश दिया। कोर्ट ने ओबीसी वर्ग को आयु में 5 वर्ष की छूट भी मान्य की। इसके बावजूद विभाग ने आदेश की अनुपालना नहीं की, जिस पर न्यायालय की अवहेलना का मामला दर्ज कराया गया है। ज्ञापन में जनजाति अंचल में रिक्त पड़े तृतीय श्रेणी शिक्षक पदों पर इन पात्र युवाओं को नियुक्त करने की मांग की गई है ताकि शिक्षित बेरोजगारों को राहत मिल सके।
