BCCI RTI के दायरे से बाहर रहेगा, स्पोर्ट्स बिल में संशोधन से मिली राहत
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सरकारी फंड लेने वाले खेल संगठनों पर ही लागू होंगे नए नियम
नई दिल्ली। 6 अगस्त
खेल मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल 2025 में संशोधन के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखा गया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि RTI अधिनियम केवल उन्हीं खेल संगठनों पर लागू होगा, जो सरकार से आर्थिक सहायता या सुविधाएं प्राप्त करते हैं।
BCCI एक स्वायत्त निजी संस्था है जो सरकार से किसी प्रकार की फंडिंग नहीं लेती। हालांकि बोर्ड को RTI के अंतर्गत लाने की मांग लंबे समय से उठती रही है। पिछले महीने पेश बिल के क्लॉज 15(2) में सभी मान्यता प्राप्त खेल संगठनों को RTI के तहत लाने की बात थी, लेकिन संशोधन के बाद यह नियम केवल सरकारी सहायता प्राप्त संगठनों पर लागू रहेगा।
खेल मंत्री मंसुख मांडविया द्वारा पेश इस बिल में खेलों के प्रबंधन के लिए नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बॉडी, बोर्ड, इलेक्शन पैनल और स्पोर्ट्स ट्रिब्यूनल के गठन का भी प्रावधान है।
खेल मंत्रालय के अनुसार, सरकारी मदद का अर्थ केवल फंड नहीं बल्कि इन्फ्रास्ट्रक्चर या अन्य सुविधाएं भी हैं। यदि कोई संगठन इन्हें प्राप्त करता है, तो वह RTI के तहत आ सकता है।
BCCI पहले भी RTI में आने का विरोध करता रहा है। उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि बोर्ड बिल का अध्ययन करेगा, फिर अपने विचार रखेगा।
संशोधन के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि BCCI RTI के दायरे में नहीं आएगा।
