अजा आयोग अध्यक्ष आर्य बोले—आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, सुविधाएं और वनाधिकार पट्टों पर विशेष ध्यान दें
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अधिकारियों से कहा—जनजाति क्षेत्रों में जाएं, करें रात्रि विश्राम और जानें समस्याएं
उदयपुर, 13 अक्टूबर : राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने कहा कि अनुसूचित जनजाति समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को फील्ड में जाकर जनजाति क्षेत्रों में रात्रि विश्राम कर वास्तविक समस्याओं को समझना चाहिए। उन्होंने जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, वनाधिकार पट्टे और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष जोर दिया।
आर्य ने निर्देश दिया कि वनाधिकार पट्टेधारकों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ एक माह के भीतर दिलाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि एसटी समुदाय में गरीबी और निरक्षरता दर अब भी अधिक है, जिसे कम करने के लिए विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात सुधारना और छात्राओं के ड्रॉपआउट को रोकना आवश्यक है।
आयोग अध्यक्ष ने पुलिस द्वारा एससी-एसटी भूमि विवादों के मामलों को बड़ी संख्या में बंद करने पर सवाल उठाते हुए पारदर्शी जांच की बात कही। उन्होंने कुपोषण, संस्थागत प्रसव और बालिकाओं की शिक्षा को लेकर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला कलेक्टर नमित मेहता ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए, जबकि जिला परिषद सीईओ रिया डाबी ने धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान के तहत गांवों में लगाए गए शिविरों की जानकारी दी।
समीक्षा के बाद आर्य ने कहा कि केंद्र सरकार आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण के लिए समयबद्ध मिशन चला रही है। उन्होंने सर्किट हाउस में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण भी किया। इस अवसर पर सांसद मन्नालाल रावत सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
