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मलेरिया की प्रमुख दवा ‘प्राइमाक्विन टैबलेट’ अमानक पाई गई

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मलेरिया की प्रमुख दवा ‘प्राइमाक्विन टैबलेट’ अमानक पाई गई

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राज्यभर में वापसी के आदेश
सरकारी लैब ने ‘नॉन स्टैंडर्ड क्वालिटी’ घोषित किया, रोगियों को न दी जाए दवा
उदयपुर, 15 अक्टूबर:
राजस्थान चिकित्सा सेवाएं निगम लिमिटेड ने मलेरिया की उपचार में काम आने वाली प्राइमाक्विन टैबलेट आईपी को ‘गैर-मानक गुणवत्ता’ घोषित किया है। यह दवा मैसर्स मैक्सवेल लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित की गई थी।
अमानक घोषित हुए दवा के दो बैचों की जांच की गई। जिसमें एक बैच एमटी 445 और दूसरा बैच एमटी 346 था। दोनों बैच की दवाओं का निर्माण क्रमश: अक्टूबर 2024 और जुलाई 2023 थी, जिनकी एक्सपायरी तिथि निर्माण के तीन साल बाद थी। शुरुआत में इस दवा को राजस्थान चिकित्सा सेवाएं निगम लिमिटेड की एक पैनल लैब द्वारा ‘मानक गुणवत्ता’ की श्रेणी में पाया गया था, लेकिन बाद में पाली और सीकर जिलों के औषधि नियंत्रण अधिकारियों ने रेण्डम री टेस्ट कराया तो दोनों ही अमानक पाई गईं।
जिसके बाद इन दवाओं के सैम्पल जांच के लिए जयपुर स्थित सरकारी औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए थे। जहां जांच में पाया गया कि यह दवा तय मानकों के अनुरुप नहीं थी। इसमें सक्रिय तत्व की मात्रा तय मानक के मुताबिक नहीं थी। जिसके बाद विभाग ने इस दवा को ई-औषधि सॉफ्टवेयर से निष्क्रिय करा दिया। साथ ही सभी जिलों से इस दवा को वापस मंगाए जाने के आदेश भी जारी कर दिए।
साथ ही सभी चिकित्सा संस्थानों और दवा भंडार केंद्रों को निर्देश दिया गया है कि इन दवाओं को किसी भी मरीज को वितरित न किया जाए और “NOSQ DRUG – NOT FOR DISTRIBUTION” लिखकर अलग से सुरक्षित रखा जाए।
एंटी मलेरिया टैबलेट है प्राइमाक्विन
प्राइमाक्विन टैबलेट एक एंटीमलेरियल दवा है, जो मलेरिया परजीवी के लीवर और रक्त में छिपे अवशेष रूपों को नष्ट करने में काम आती है। इसका उपयोग विशेष रूप से Plasmodium vivax और Plasmodium ovale से होने वाले मलेरिया के उपचार में किया जाता है ताकि बीमारी दोबारा न लौटे।

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