तीनों सेनाओं के लिए ₹79,000 करोड़ के हथियार खरीदे जाएंगे: रक्षा मंत्रालय ने मंजूरी दी
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नाग मिसाइल, लैंडिंग प्लेटफॉर्म डॉक, सुपर-रैपिड गन और एडवांस टारपीडो शामिल; रक्षा अधिग्रहण परिषद ने हरी झंडी दी
नई दिल्ली, 23 अक्टूबर : रक्षा मंत्रालय की वरिष्ठ बैठक — रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) — ने गुरुवार को लगभग ₹79,000 करोड़ की अग्रिम सैन्य खरीद मंजूर की। बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। यह निर्णय थल, नौसेना और वायुसेना की तैनाती व क्षमताओं को बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया। इससे पहले 5 अगस्त को करीब ₹67,000 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी।
थलसेना के लिए नाग मिसाइल सिस्टम (Tracked) Mk-II खरीदा जाएगा जो ट्रैक्ड वाहन से चलकर टैंक, बंकर और कड़े किले तबाह कर सकेगा। साथ ही ग्राउंड बेस्ड मोबाइल ELINT सिस्टम (GBMES), हाई-क्वालिटी मोबिलिटी वाहन और लॉजिस्टिक क्रेन वाले वाहन शामिल हैं।
नेवी के लिए कई लैंडिंग प्लेटफॉर्म डॉक (LPDs), 30mm नेवल सरफेस गन, 76mm सुपर-रैपिड गन माउंट के स्मार्ट फायर-कंट्रोल सिस्टम और एडवांस लाइटवेट टॉरपीडो (डीआरडीओ विकास) की खरीद शामिल है। इनसे एम्फीबियस ऑपरेशंस, समुद्री रक्षा और डिजास्टर-रिलिफ व शांति अभियानों में मदद मिलेगी। कोस्ट गार्ड को भी 30mm गन से फायदा होगा।
वायुसेना के लिए कोलैबोरेटिव लांग-रेंज टारगेट सेचुरेशन व डिस्ट्रक्शन सिस्टम खरीदे जाने का प्रस्ताव है — ऐसे सिस्टम स्वायत्त/लंबी दूरी संचालित प्लेटफॉर्म को टार्गेट डिटेक्शन व स्ट्राइक क्षमता देंगे।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि कई उपकरण देश में निर्मित या स्थानीय तकनीक से जुड़े हैं, जिससे आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन को बल मिलेगा। मंत्रालय ने जोड़े कि ये निर्णय हालिया सुरक्षा चुनौतियों, तैनाती आवश्यकताओं और आपातकालीन राहत व बचाव कार्यों को ध्यान में रखकर लिए गए हैं।
