चित्तौड़गढ़ में एम्बुलेंस बनी प्रसूता की जीवनरक्षक
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रास्ते में हुआ सुरक्षित प्रसव, मां-बेटा दोनों स्वस्थ
चित्तौड़गढ़, 16 नवम्बर (विजन 360 न्यूज डेस्क): चित्तौड़गढ़ जिले में शनिवार देर रात एक बार फिर एम्बुलेंस कर्मियों की तत्परता और मानवीय सेवा का उल्लेखनीय उदाहरण सामने आया, जब भदेसर क्षेत्र की एक प्रसूता का सुरक्षित प्रसव एम्बुलेंस में करवाया गया। भदेसर तहसील के सादल खेड़ा गांव की निवासी रेशमा पठान को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल चित्तौड़गढ़ से उदयपुर रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में हालत बिगड़ने पर एम्बुलेंस टीम ने समझदारी दिखाते हुए सड़क किनारे ही प्रसव करवाकर मां और नवजात दोनों की जान बचाई।
शनिवार रात परिजनों ने 108 एम्बुलेंस को कॉल कर बताया कि रेशमा को तेज प्रसव पीड़ा हो रही है। एम्बुलेंस भदेसर पहुंची और प्रसूता को तुरंत जिला अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टरों ने स्थिति को क्रिटिकल बताते हुए ऑपरेशन की जरूरत बताई और उसे उदयपुर रेफर कर दिया। रेशमा को लगातार तेज दर्द हो रहा था और स्थिति बिगड़ती जा रही थी।
रात करीब 3:55 बजे, जैसे ही एम्बुलेंस बानसेन के पास पहुंची, प्रसूता की हालत अचानक अत्यधिक गंभीर हो गई। स्थिति जोखिमपूर्ण देखते हुए एमटी सुखदेव बैरवा और पायलट सोनू आमेटा ने एम्बुलेंस को सुरक्षित स्थान पर रोककर तत्काल प्रसव कराने का निर्णय लिया। दोनों ने पूरी सावधानी, प्रशिक्षण और उपलब्ध मेडिकल किट की मदद से रेशमा की सफल डिलीवरी करवाई। प्रसव सामान्य रहा और लगभग 2605 ग्राम वजन के स्वस्थ शिशु ने जन्म लिया।
डिलीवरी के तुरंत बाद एम्बुलेंस टीम ने मां-बच्चे को जिला अस्पताल चित्तौड़गढ़ पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दोनों की स्थिति को सामान्य बताया। परिजनों ने एम्बुलेंस कर्मियों की तत्परता, सेवा भावना और समय रहते सही निर्णय लेने की सराहना की।
