किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की कैद
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पोक्सो कोर्ट का फैसला
बांसवाड़ा, 18 नवम्बर (विजन 360 न्यूज डेस्क): विशेष न्यायालय, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की पीठासीन अधिकारी तारा अग्रवाल ने किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास और आर्थिक दंड से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार जिले के पाटन थाना क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने 22 मई 2022 को थाने में पुलिस को रिपोर्ट दी। रिपोर्ट में बताया कि 3 दिन पहले उसकी नाबालिग पुत्री अपनी सहेली के साथ सामाजिक समारोह में शामिल होने जा रही थी। उसने चांदी के गहने भी पहन रखे थे। रिपोर्ट में आरोप लगाया कि रास्ते में पवन पुत्र देवचंद निवासी खजुरा उसकी बेटी को जबरन अपने साथ ले गया। सहेली से जानकारी मिलने पर तलाश शुरू की, लेकिन कहीं पता नहीं चला। सुबह पंचों को बुलाया और देवचंद से पूछा तो उसने पवन को बाहर होना बताया। गांव के एक व्यक्ति हरदार ने बताया कि पवन 20 मई को एक लड़की लेकर आया था। दोनों अगले दिन शाम 5 बजे तक उसके घर रहे। पीड़िता के पिता ने पुलिस से अपनी बेटी वापस लाने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की गुहार लगाई। रिपोर्ट पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान आरंभ किया। इस दौरान किशोरी को दस्तयाब कर उसके पिता को सौंपा। वहीं आरोपी पवन को भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366, 342, 376 (2) और पोक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार किया। अनुसंधान के बाद उसके खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया।
यह दिया आदेश
विशिष्ट लोक अभियोजक हेमेन्द्रनाथ पुरोहित ने बताया कि सुनवाई के दौरान पेश साक्ष्य, गवाह आदि के आधार पर न्यायाधीश तारा अग्रवाल ने आरोपी पवन को किशोरी से दुष्कर्म का दोषी माना।
न्यायालय ने आरोपी पवन को धारा 363 के तहत तीन साल का कठोर कारावास और 3 हजार रुपए अर्थदण्ड, धारा 366 के तहत 4 साल का कठोर करावास और 5 हजार रुपए अर्थदण्ड, धारा 342 के तहत 6 माह का करावास और 500 रुपए अर्थदण्ड तथा पोक्सो एक्ट के तहत 20 साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपए के अर्थदण्ड की सजा सुनाई।
