मां की अर्थी को जब बेटियों ने दिया कंधा, पादरा गांव की आंखें भर आईं
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ओबरी, 19 नवम्बर (विजन 360 न्यूज डेस्क): सागवाड़ा उपखण्ड के पादरा गांव में एक मार्मिक दृश्य उस समय सामने आया, जब शांति मानशंकर उपाध्याय के निधन के बाद उनकी बेटियों नीमा, पुष्पा, रंजना और दक्षा ने अपनी मां की अर्थी को कंधा देकर परम्परागत रूढ़ियों को तोड़ दिया। गांव की गलियों से गुज़रती अर्थी पर बेटियों के दृढ़ कदमों ने न केवल लोगों की आंखें नम कर दीं, बल्कि बेटी–बेटा समानता का सशक्त संदेश भी दिया।
शांति उपाध्याय के अंतिम संस्कार में बेटियों ने पूरे विधि-विधान से न केवल अर्थी को कंधा दिया, बल्कि मुखाग्नि देकर बाकी सभी रस्में उसी तरह निभाईं, जैसे परम्परागत रूप से बेटा निभाता है। बेटियों का यह साहस और अपनी मां के प्रति अटूट समर्पण ग्रामीणों के हृदय को छू गया। गांववासियों ने कहा कि बेटियों ने साबित कर दिया है कि प्रेम, कर्तव्य और संस्कार स्त्री-पुरुष से बंधे नहीं होते। ग्रामीणों का कहना था कि ऐसी घटनाएं समाज की सोच को बदलने का कार्य कर रही हैं। पादरा गांव का यह कदम पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है।
