खान पट्टा धारकों के लिए ईएसआईसी पंजीयन अनिवार्य
Share
प्रदेश की खानों में कार्यरत लाखों श्रमिकों को मिलेगा सामाजिक सुरक्षा का लाभ
उदयपुर, 18 दिसम्बर: प्रदेशभर की खानों में कार्यरत श्रमिकों के स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को लेकर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने सख्त कदम उठाया है। इसके तहत अब सभी खनन पट्टा धारकों के लिए अपनी खदानों में कार्यरत श्रमिकों व कर्मचारियों का कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) में पंजीयन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू हो चुकी है।
ईएसआईसी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार खान अधिनियम 1952 की धारा 2 (जे) के अंतर्गत आने वाली सभी खदानों में यह प्रावधान लागू होगा। किसी भी खदान में खनन कार्य, खनिज से जुड़े या सहायक कार्यों में लगे सभी श्रमिक व कर्मचारी इसके दायरे में आएंगे। जिन खदानों में 10 या उससे अधिक श्रमिक कार्यरत हैं, वहां खान पट्टा धारक को अनिवार्य रूप से ईएसआईसी पंजीयन कराना होगा।
चिकित्सा व नगद हितलाभ मिलेंगे
ईएसआईसी के तहत पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों को चिकित्सा सुविधा के साथ बीमारी, दुर्घटना, मातृत्व और अन्य परिस्थितियों में विभिन्न नगद हितलाभ भी मिलेंगे। इससे खनन क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को संगठित सामाजिक सुरक्षा कवच उपलब्ध होगा।
लाखों श्रमिक होंगे लाभान्वित
इस निर्णय से प्रदेश की हजारों खानों में कार्यरत लाखों श्रमिक लाभान्वित होंगे। अकेले उदयपुर संभाग के राजसमंद जिले में ही 1700 से अधिक खदानें संचालित हैं। इसके अलावा उदयपुर, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा जिलों में भी बड़े पैमाने पर खनन गतिविधियां चल रही हैं, जहां यह व्यवस्था श्रमिकों के जीवन में सुरक्षा और स्थिरता लाएगी।
