राजस्थान रोडवेज में रिटायर्ड कंडक्टरों की वापसी: 34 डिपो में 250 पदों पर होगा पुनर्नियोजन
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उदयपुर, 12 जनवरी: राजस्थान रोडवेज में कंडक्टरों की भारी कमी को देखते हुए विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के 34 डिपो में खाली पड़े 250 पदों पर सेवानिवृत्त कंडक्टरों को दोबारा काम पर रखने का निर्णय किया गया है। यह नियुक्ति सेवानिवृत परिचालक अनुबंध योजना के तहत की जाएगी।
योजना के अनुसार रिटायर्ड कंडक्टरों को प्रतिमाह 18 हजार रुपए का फिक्स मानदेय मिलेगा। इसके अतिरिक्त 4 हजार रुपए का बोनस तभी मिलेगा, जब बस में 100 प्रतिशत सवारी होगी। यदि सवारी 91 प्रतिशत से कम रही तो बोनस नहीं दिया जाएगा। बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर प्रतिदिन 1000 रुपए की पेनल्टी भी लगेगी।
उदयपुर डिपो के प्रबंधक हेमंत शर्मा ने बताया कि यह नौकरी 65 वर्ष तक की उम्र वाले रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए है। इससे अधिक आयु होने पर मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र और जयपुर मुख्यालय की स्वीकृति आवश्यक होगी। फिलहाल यह अनुबंध एक वर्ष के लिए होगा, कार्य संतोषजनक रहने पर अवधि बढ़ाई जा सकती है।
रिटायर्ड कंडक्टरों को नौकरी जॉइन करने से पहले 15 हजार रुपए सुरक्षा राशि और 20 हजार रुपए टिकट मशीन के लिए जमा कराने होंगे। वर्दी और नाम प्लेट का खर्च भी स्वयं वहन करना होगा।
प्रदेश में सबसे ज्यादा 15 पद उदयपुर डिपो में खाली हैं। इसके बाद जोधपुर, सीकर और सरदारशहर में 11-11 पद हैं। जयपुर, नागौर और पाली सहित अन्य जिलों में भी कंडक्टरों की कमी बनी हुई है।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान रोडवेज के पास करीब 2610 बसों का बेड़ा है, जो प्रतिदिन लगभग 7 लाख यात्रियों को सेवा देता है। वर्ष 2013 के बाद से रोडवेज में कोई नई भर्ती नहीं हुई है, ऐसे में विभाग अनुभव के सहारे संचालन सुचारू रखना चाहता है।
