हिन्दुस्तान जिंक भारत की पहली जिंक टेलिंग्स रीसाइक्लिंग फैसिलिटी स्थापित करेगा
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उदयपुर, 23 जनवरी : वेदांता ग्रुप की कंपनी और विश्व की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड जिंक उत्पादक, हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड ने राजस्थान के रामपुरा आगुचा माइंस में भारत की पहली जिंक टेलिंग्स रीसाइक्लिंग फैसिलिटी स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए कंपनी ने सीआईएमआईसी ग्रुप की कंपनियों सेडगमैन और लेटन एशिया को ईपीसी और इंजीनियरिंग कॉन्ट्रैक्ट दिया है।
टेलिंग्स, खनिज निकालने के बाद बचने वाले बारीक अवशेष होते हैं, जिनमें अक्सर जिंक और चांदी जैसी कीमती धातुएं मौजूद होती हैं। रामपुरा आगुचा की यह फैसिलिटी एडवांस्ड रीसाइक्लिंग तकनीक से इन टेलिंग्स से धातुएं रिकवर करेगी, जिससे पुराने वेस्ट को मूल्यवान संसाधनों में बदला जा सकेगा और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा मिलेगा।
हिन्दुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि यह प्रोजेक्ट माइनिंग में एक्सट्रैक्शन से ऑप्टिमाइजेशन और लीनियर कंजम्पशन से सर्कुलर वैल्यू क्रिएशन की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव दर्शाता है। सेडगमैन की ग्लोबल मिनरल प्रोसेसिंग विशेषज्ञता और लेटन एशिया की ऑन-ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता के संयोजन से परियोजना की सफलता सुनिश्चित होगी। हिन्दुस्तान जिंक का मुख्यालय उदयपुर में स्थित है और यह राजस्थान व उत्तराखंड में जिंक, लेड और सिल्वर की अंडरग्राउंड माइंस तथा स्मेल्टर संचालित करती है।
