उदयपुर संभाग: जनवरी माह में 4 करोड़ का डोडा-चूरा जब्त, 15 तस्कर गिरफ्तार
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उदयपुर, 1 फरवरी: उदयपुर संभाग में मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध नए साल के पहले महीने में पुलिस और नारकोटिक्स विभाग ने काल बनकर प्रहार किया है। जनवरी माह के दौरान उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और राजसमंद जिलों में पुलिस की विशेष टीमों (DST) ने कुल 18 बड़ी कार्रवाइयों को अंजाम दिया। इन छापों में पुलिस ने लगभग 2,200 किलोग्राम (22 क्विंटल) अवैध डोडा-चूरा जब्त किया है। काले बाजार में इस खेप की अंतरराष्ट्रीय कीमत 4.20 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त 12 वाहन भी सीज किए हैं, जिनमें लग्जरी गाड़ियाँ और ट्रक शामिल हैं।
उदयपुर आईजी गौरव श्रीवास्तव का कहना है, “हमने संभाग के सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई है। जनवरी की सफलता केवल शुरुआत है, हमारा लक्ष्य तस्करी की बैकबोन यानी ‘फाइनेंसियल नेटवर्क’ को तोड़ना है।”
हाईवे पर फिल्मी ड्रामा: गोगुंदा और देबारी में बड़ी मुठभेड़
इस महीने की सबसे चर्चित घटना 12 जनवरी की रही, जब उदयपुर-पिंडवाड़ा हाईवे पर तस्करों ने पुलिस की नाकाबंदी तोड़ दी। तस्करों ने गोगुंदा के पास पुलिस दल पर फायरिंग की और अपनी स्कार्पियो गाड़ी को झाड़ियों में कुदा दिया। जवाबी कार्रवाई के बाद पुलिस ने गाड़ी से 400 किलो डोडा-चूरा और दो अवैध हथियार बरामद किए।
वहीं, देबारी क्षेत्र में पुलिस ने एक कंटेनर को रुकवाया जो ऊपर से ‘इलेक्ट्रॉनिक सामान’ के बॉक्स से भरा था, लेकिन नीचे 55 कट्टों में डोडा-चूरा छिपाया गया था। इस मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के दो गुर्गों को गिरफ्तार किया गया है।
तस्करी के नए ‘हथकंडे’ और कुख्यात नेटवर्क
पुलिस जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। कुख्यात तस्कर अब ‘ऑनलाइन कूरियर सेवा’ के जाली स्टिकर लगाकर मादक पदार्थों की सप्लाई कर रहे हैं।
धाकड़ गैंग की सक्रियता: चित्तौड़गढ़ के कुख्यात विनोद धाकड़ गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस ने राजसमंद बॉर्डर पर दबोचा। इनके पास से पंजाब के नंबर वाली गाड़ियाँ मिलीं।
हाई-टेक तस्करी: तस्कर अब जीपीएस (GPS) ट्रैकर और सैटेलाइट फोन का उपयोग कर रहे हैं ताकि वे पुलिस की लोकेशन से बच सकें।
