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हल्दीघाटी एवं रक्त तलाई के संरक्षण को लेकर राजसमंद प्रशासन गंभीर

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हल्दीघाटी एवं रक्त तलाई के संरक्षण को लेकर राजसमंद प्रशासन गंभीर

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जिला कलेक्टर के साथ संयुक्त निरीक्षण दल ने किया मौका निरीक्षण
राजसमंद, 5 फरवरी
: ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर हल्दीघाटी और रक्त तलाई के संरक्षण को लेकर उच्च न्यायालय के निर्देशों की अनुपालना में राजसमंद जिला प्रशासन गंभीर नजर आ रहा है। गुरुवार को जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा एवं पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता के नेतृत्व में 16 विभागों के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने दोनों स्थलों का विस्तृत निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण दल में अतिरिक्त जिला कलक्टर नरेश बुनकर, जिला परिषद सीईओ बृजमोहन बैरवा, उप वन संरक्षक आरएन भाकर, उपखंड अधिकारी रक्षा पारीक सहित पुलिस, एएसआई, आरपीसीबी व अन्य विभागों के अधिकारी शामिल रहे। अधिकारियों ने साफ-सफाई, संरचनात्मक स्थिति और सुरक्षा इंतजामों की गहन समीक्षा की।
रक्त तलाई में सफाई और अतिक्रमण हटाने के निर्देश
जिला कलक्टर ने रक्त तलाई क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान चलाने, पर्याप्त डस्टबिन लगाने तथा जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही जर्जर सरकारी भवनों को ध्वस्त करने, केयरटेकर नियुक्त करने, फेंसिंग-रेलिंग लगाने और सुव्यवस्थित पार्किंग विकसित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने गांव से रक्त तलाई जाने वाले मार्ग पर दुकानदारों के अवैध अतिक्रमण हटाने तथा दोबारा सामान रखने पर जब्ती की कार्रवाई के आदेश भी दिए। सड़क को नो-पार्किंग जोन घोषित करने पर भी जोर दिया गया।
हल्दीघाटी में सुरक्षा व पर्यटन सुविधाएं बढ़ेंगी
हल्दीघाटी क्षेत्र में सड़क किनारे रेलिंग, डस्टबिन, स्थायी सुरक्षा तैनाती, पार्किंग सुविधा, साइन बोर्ड लगाने तथा पार्किंग जोन चिन्हित करने के निर्देश दिए गए।
जिला कलक्टर ने कहा कि हल्दीघाटी व रक्त तलाई जनभावनाओं से जुड़े स्थल हैं, जिनका संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभागों से समन्वय कर शीघ्र कार्रवाई होगी तथा न्यायालय में अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
गौरतलब है कि हाल ही में एक समाचार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने दोनों स्थलों की दुर्दशा पर चिंता जताई थी और 16 विभागों को पक्षकार बनाकर शपथ पत्र सहित रिपोर्ट मांगी थी।

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