चेक अनादरण मामले में व्यवसायी को एक साल की कैद
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उदयपुर, 12 फरवरी : उदयपुर की विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट (एनआई एक्ट केस) क्रम-3 की पीठासीन अधिकारी रेणू मोटवानी ने चेक अनादरण के एक मामले में आरोपी व्यवसायी को एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
परिवादी कंपनी सिद्धार्थ राजा फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड अजमेर के डायरेक्टर राकेश भंडारी की ओर से अधिवक्ता भंवरसिंह राजपुरोहित ने बताया कि आरोपी संदीप पुत्र ताराचंद नाचानी, प्रोपराइटर ओम ज्वेलर्स के खिलाफ 10 जून 2019 को परिवाद पेश किया गया था।
प्रकरण के अनुसार आरोपी के पिता ताराचंद नाचानी ने कंपनी से 23 मई 2018 को एक करोड़ 25 लाख रुपए का ऋण लिया था। ऋण चुकाने के लिए तीन चेक 50-50 और 25 लाख रुपए के दिए गए। 30 मार्च 2019 को बैंक से चेक अनादरित हो गए। नोटिस देने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया। अदालत ने इसे धोखाधड़ी की मंशा मानते हुए एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत दोष सिद्ध कर एक वर्ष की सजा सुनाई। फैसले में यह भी उल्लेख किया गया कि वाणिज्यिक कोर्ट से वसूली हेतु डिक्री भी प्राप्त हो चुकी है।
