नीमचमाता मंदिर मार्ग जर्जर, 49 लाख की स्वीकृति के बावजूद काम अटका
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उदयपुर, 9 मार्च: शहर के देवाली स्थित पहाड़ी पर बने प्रसिद्ध नीमचमाता मंदिर तक जाने वाले मार्ग की हालत लंबे समय से खराब बनी हुई है। मुख्यमंत्री बजट घोषणा 2024-25 में इस मार्ग के सुधार को शामिल किए जाने और करीब 49 लाख रुपए की स्वीकृति मिलने के बावजूद अब तक काम शुरू नहीं हो पाया है।
पर्यटन विभाग ने सितंबर 2025 में कार्य की स्वीकृति दे दी थी, लेकिन करीब छह महीने बीतने के बाद भी जमीनी स्तर पर कोई काम शुरू नहीं हुआ। मंदिर देवस्थान विभाग के अधीन है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु तथा पर्यटक दर्शन के लिए आते हैं। कई पर्यटक रोपवे से पहुंचते हैं, जबकि अनेक लोग देवाली छोर से पैदल सीढ़ियां चढ़कर मंदिर तक जाते हैं।
करीब 800 मीटर की इस चढ़ाई वाले रास्ते में कई जगह सीमेंट की रेलिंग टूट चुकी है और सीढ़ियां भी जर्जर हो गई हैं। सुरक्षा के लिए कुछ स्थानों पर अस्थायी रूप से लकड़ियां बांधकर व्यवस्था की गई है। पूर्व में यहां फोटो शूट के दौरान कुछ लोग नीचे गिरकर घायल भी हो चुके हैं।
पर्यटन विभाग से स्वीकृति के बाद काम पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग को सौंपा गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अंतिम स्वीकृति का इंतजार है।
