व्यापार में उन्नति पर सांवलिया सेठ को अनोखा चढ़ावा
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डेढ़ किलो चांदी का लहसुन, तराजू-कांटा और चांदी का मकान अर्पित
कोटा के व्यापारियों ने पूरी हुई मनोकामनाओं पर प्रभु के चरणों में रखी आस्था की भेंट
चित्तौड़गढ़, 10 जनवरी: आस्था और विश्वास के केंद्र मंडफिया स्थित सांवलिया सेठ के दरबार में एक बार फिर अनोखे और भावपूर्ण चढ़ावे देखने को मिले। कोटा की अनाज मंडी से जुड़े तीन व्यापारियों ने अपनी-अपनी मनोकामनाएं पूरी होने पर भगवान सांवलिया सेठ को चांदी से निर्मित प्रतीकात्मक भेंट अर्पित की। इन चढ़ावों में डेढ़ किलो वजनी चांदी का लहसुन, तराजू-कांटा व बांसुरी तथा चांदी से बना मकान शामिल रहा, जिसने श्रद्धालुओं का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
कोटा के लहसुन व्यापारी रवि मालपानी ने सांवलिया सेठ की कृपा से व्यापार में उल्लेखनीय उन्नति होने पर डेढ़ किलो वजनी चांदी का बना लहसुन प्रभु के चरणों में अर्पित किया। यह प्रतिकृति देखने में बिल्कुल असली जैसी प्रतीत होती है। रवि मालपानी ने बताया कि व्यवसाय के शुरुआती दिनों में उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन प्रभु पर अटूट विश्वास रखने से परिस्थितियां बदलती चली गईं। वे अपनी सफलता का श्रेय पूरी तरह भगवान को देते हैं।
आस्था की इसी कड़ी में कोटा के अनाज व्यापारी लोकेश गौतम ने अपनी मन्नत पूरी होने पर करीब 800 ग्राम वजनी चांदी का तराजू-कांटा और बांसुरी अर्पित की। उन्होंने कहा कि वे सांवलिया सेठ को अपना ‘बिजनेस पार्टनर’ मानते हैं और हर महत्वपूर्ण निर्णय से पहले प्रभु का स्मरण करते हैं। लोकेश गौतम पिछले तीन वर्षों से नियमित रूप से श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ मंडफिया धाम आ रहे हैं।
वहीं, सोयाबीन व्यापारी पिंटू सुमन ने अपने सपनों का घर पूरा होने पर लगभग 300 ग्राम चांदी से बना मकान अर्पित किया। उन्होंने कहा कि जीवन में जो कुछ भी उन्हें मिला है, वह प्रभु की कृपा का परिणाम है।
लोकेश गौतम ने बताया कि 3 जनवरी को कोटा के खड़े गणेश मंदिर से करीब 250 श्रद्धालुओं के साथ दो बसों में भक्ति यात्रा रवाना हुई थी। यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन और जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
