गर्ल्स स्कूल को बॉयज में मर्ज किया, छात्राएं पहुंचीं हाईकोर्ट

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गर्ल्स स्कूल को बॉयज में मर्ज किया, छात्राएं पहुंचीं हाईकोर्ट
कोर्ट ने मांगा 7 दिन में जवाब, 276 छात्राओं ने जताया विरोध, स्कूल भवन में जगह भी नहीं

रंजीता शर्मा
जयपुर। 29 जुलाई
ब्यावर जिले के देलवाड़ा क्षेत्र में राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय को पास के राजकीय माध्यमिक बालक विद्यालय में मर्ज करने के आदेश के खिलाफ 276 छात्राओं ने राजस्थान हाईकोर्ट की शरण ली है। हाईकोर्ट ने इस मामले में शिक्षा विभाग को 7 दिन में जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
छात्राओं की याचिका में कहा गया कि यह मर्जर बिना पेरेंट्स की अनुमति और बिना किसी सार्वजनिक सूचना के किया गया। छात्राओं ने यह भी तर्क दिया कि जिस स्कूल में उन्हें शिफ्ट किया गया है, वहां पहले से ही 303 छात्र पढ़ते हैं और उपलब्ध कक्षाएं अपर्याप्त हैं। इसके अलावा लड़कियों की सुरक्षा, सुविधा और सामाजिक परिवेश को ध्यान में रखे बिना यह निर्णय लिया गया है।
वकील रामप्रताप सैनी ने कोर्ट में दलील दी कि यह फैसला शिक्षा के अधिकार और समानता के अधिकार का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि गर्ल्स स्कूल में इस साल भी 40 नए नामांकन हुए थे, फिर भी उसे मर्ज करना अव्यवहारिक है।
16 जुलाई को छात्राओं और ग्रामीणों ने स्कूल के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया था। वहीं, जिला कलेक्टर और स्थानीय विधायक ने भी स्कूल मर्ज नहीं करने की सिफारिश शिक्षा विभाग को की थी, जिसे विभाग ने नजरअंदाज कर दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 दिन बाद होनी है, जिसमें विभाग को अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा।