चीन की धरती से पाकिस्तान को संदेश

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SCO सम्मेलन में पीएम मोदी-शी जिनपिंग की मुलाकात, सीमा विवाद और आतंकवाद पर खुली चर्चा

बीजिंग, 31 अगस्त
चीन के तियानजिन में रविवार को आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अहम बैठक हुई। यह दोनों नेताओं की पिछले एक साल में दूसरी मुलाकात है। इससे पहले अक्टूबर 2024 में कजान में आमने-सामने चर्चा हुई थी।

बैठक में पीएम मोदी ने शी जिनपिंग को 2026 में भारत में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया। इस पर चीनी राष्ट्रपति ने भारत की अध्यक्षता का पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया। विदेश सचिव विक्रम मिस्री के अनुसार, दोनों नेताओं ने वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों के समाधान के लिए मिलकर काम करने की सहमति जताई।

सीमा और व्यापार पर बातचीत

मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत-चीन संबंधों को सहज बनाने के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता बेहद आवश्यक है। दोनों देशों ने आपसी व्यापार घाटा कम करने, निवेश को बढ़ावा देने और नीतियों में पारदर्शिता लाने पर जोर दिया। बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि भारत और चीन की अर्थव्यवस्था वैश्विक व्यापार की स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

आतंकवाद पर साझा रुख

आतंकवाद को सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए पीएम मोदी ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का मुद्दा भी उठाया। इस पर चीन ने सहयोग का भरोसा दिलाया। दोनों नेताओं ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत और चीन को कंधे से कंधा मिलाकर काम करना चाहिए।

जिनपिंग के चार सुझाव

बैठक में शी जिनपिंग ने रिश्तों को मजबूती देने के लिए चार बिंदुओं का प्रस्ताव रखा—

रणनीतिक संवाद बढ़ाना और भरोसा गहरा करना।

आपसी सहयोग और संपर्क बढ़ाना।

विन-विन नतीजों को सुनिश्चित करना।

बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम करना।

पीएम मोदी ने इन सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि भारत-चीन को प्रतिस्पर्धी नहीं बल्कि साझेदार के रूप में आगे बढ़ना चाहिए। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि मतभेदों को विवाद में नहीं बदलना चाहिए और साझा हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।