धावड़ी तलाई में सरकारी स्कूल खंडहर, बच्चों को ठंड में बाहर पढ़ाई करनी मजबूरी

A 25 kg garland was put on the pilot using a crane

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उदयपुर, 23 जनवरी : गिर्वा ब्लॉक के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र धावड़ी तलाई गांव जावर में राजकीय प्राथमिक विद्यालय पूरी तरह जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो गया है। स्कूल भवन के गिरने के खतरे के कारण नन्हे बच्चे कड़कती ठंड में स्कूल के बाहर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से स्कूल भवन की हालत खराब थी, लेकिन अब यह इतनी गंभीर हो गई है कि कक्षाओं में बच्चों को बैठाना सुरक्षित नहीं है। बावजूद इसके शिक्षा विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। न तो मरम्मत कराई गई और न ही बच्चों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई।
ग्रामीणों का आक्रोश: ग्रामीणों ने बताया कि जावर माइंस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर खनन करने वाली वेदांता कंपनी सरकारी कागजों में गांवों को गोद लेने का दावा करती है, लेकिन स्कूलों और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने प्रशासन और शिक्षा विभाग से तत्काल स्कूल भवन की मरम्मत या नए भवन निर्माण की मांग की है।
बच्चों की जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कराना शिक्षा व्यवस्था और प्रशासन दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि भविष्य में कोई हादसा हुआ, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा, यह सवाल अनुत्तरित है।