मिशन मधुहारी के तहत 7 दिन में क्लिनिक प्रारंभ करने के निर्देश, मासिक रिपोर्ट भी मांगी
उदयपुर, 17 जनवरी : राज्य में मधुमेह रोगियों को गंभीर जटिलताओं से समय पर राहत देने के उद्देश्य से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग राजस्थान ने अहम निर्णय लिया है। मिशन मधुहारी के तहत अब प्रदेश के सभी जिलों में डायबिटिक फुट क्लिनिक स्थापित किए जाएंगे। इस संबंध में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं निदेशालय जयपुर की ओर से आवश्यक आदेश जारी कर दिए गए हैं।
आदेश के अनुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएमएचओ) तथा प्रधान चिकित्सा अधिकारियों (पीएमओ) को निर्देशित किया गया है कि वे अगले सात दिनों के भीतर अपने-अपने क्षेत्र में डायबिटिक फुट क्लिनिक की शुरुआत सुनिश्चित करें। साथ ही, क्लिनिक की मासिक प्रगति रिपोर्ट भी उन्हें अनिवार्य रूप से विभागीय पोर्टल पर अपडेट करनी होगी।
स्वास्थ्य निदेशक रवि प्रकाश शमा्र के अनुसार डायबिटिक फुट डिजीज मधुमेह की सबसे गंभीर और खर्चीली जटिलताओं में से एक मानी जाती है। इसमें नसों की क्षति, रक्त संचार में बाधा, पैरों में घाव, संक्रमण और गैंग्रीन जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जिनके कारण कई बार मरीजों को अंग विच्छेदन जैसी गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ता है। प्रस्तावित डायबिटिक फुट क्लिनिक के माध्यम से इन जटिलताओं की रोकथाम, समय पर जांच और समुचित उपचार की एकीकृत सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
जिला अस्पतालों में एकीकृत व्यवस्था
डायबिटिक फुट क्लिनिक को मिशन मधुहारी के अंतर्गत संचालित मधुहारी क्लिनिक से जोड़ा जाएगा। ये क्लिनिक सभी जिला अस्पतालों, उप जिला अस्पतालों तथा उन सैटेलाइट अस्पतालों में स्थापित होंगे, जहां पहले से मधुहारी क्लिनिक कार्यरत हैं।
राजस्थान के सभी जिलों में शुरू होंगे डायबिटिक फुट क्लिनिक
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