रूस के पास ट्रम्प की न्यूक्लियर चाल

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अमेरिका ने तैनात की दो पनडुब्बियां, चेतावनी- ‘गंभीर परिणाम भुगतने को तैयार रहे’
— पूर्व रूसी राष्ट्रपति मेदवेदेव की धमकी पर अमेरिकी जवाब, बढ़ता वैश्विक तनाव

वॉशिंगटन डीसी | 1 अगस्त
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस के पास दो न्यूक्लियर पनडुब्बियां तैनात करने का आदेश दिया है। यह फैसला रूस के पूर्व राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव के हालिया भड़काऊ बयानों और यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका की ओर से तय की गई सीजफायर समय-सीमा के मद्देनजर लिया गया है। ट्रम्प ने रूस को चेतावनी दी है कि अगर वह 10 से 12 दिनों में युद्धविराम वार्ता के लिए तैयार नहीं हुआ, तो रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों पर ‘सेकेंडरी टैरिफ’ लगाए जाएंगे। यह ऐलान उन्होंने हाल ही में स्कॉटलैंड यात्रा के दौरान किया था।

मेदवेदेव की चेतावनी और ‘डेड हैंड’ का जिक्र

इस फैसले से पहले ट्रम्प ने भारत और रूस की अर्थव्यवस्थाओं को “डेड इकोनॉमी” कहकर हमला बोला था। इसके जवाब में रूस के पूर्व राष्ट्रपति मेदवेदेव ने टेलीग्राम पर तीखी प्रतिक्रिया दी और अमेरिका को रूस की ‘डेड हैंड’ प्रणाली की याद दिलाई। मेदवेदेव ने कहा, “ट्रम्प को डेड हैंड की खतरनाक ताकत याद रखनी चाहिए। अगर कुछ शब्दों से ही अमेरिका घबरा जाता है, तो रूस बिल्कुल सही रास्ते पर है।” गौरतलब है कि ‘डेड हैंड’ सोवियत काल की एक न्यूक्लियर सिस्टम प्रणाली थी, जो यदि रूस की लीडरशिप समाप्त हो जाए, तब भी स्वचालित रूप से जवाबी हमला कर सकती थी।

क्यों बढ़ रही है चिंता?

ट्रम्प की ओर से न्यूक्लियर पनडुब्बियों की तैनाती के फैसले को सीधा सैन्य दबाव माना जा रहा है। यह कदम वैश्विक शांति के लिए चिंताजनक संकेत है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह टकराव वार्ता की ओर नहीं मुड़ा, तो यूरोप और एशिया दोनों में भू-राजनीतिक अस्थिरता और गहरी हो सकती है। अब दुनिया की निगाहें रूस की अगली प्रतिक्रिया और अमेरिका की सेकेंडरी टैरिफ नीति के क्रियान्वयन पर टिकी हैं। आने वाले सप्ताहों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।