बांसवाड़ा, 2 फरवरी: बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ थाना क्षेत्र में एक सरकारी स्कूल में खेलते समय फेवीक्विक आंखों में चले जाने से तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले 9 वर्षीय मासूम की दोनों पलकों के चिपक जाने का गंभीर मामला सामने आया है। हादसे के बाद बच्चे की आंखें पूरी तरह बंद हो गईं, जिससे परिजनों और स्कूल स्टाफ में हड़कंप मच गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे की हालत को गंभीर बताते हुए उसे उदयपुर रेफर कर दिया है।
घटना कुशलगढ़ क्षेत्र के बावलिया पाड़ा गांव स्थित सरकारी स्कूल की है। गांव निवासी देवी सिंह ने बताया कि उनका पुत्र राधेश्याम (9) सोमवार दोपहर स्कूल में साथियों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान किसी तरह फेवीक्विक उसकी आंखों पर लग गया। मासूम ने नादानी में अपनी आंखें हाथों से मसल लीं, जिससे केमिकल दोनों पलकों पर फैल गया और कुछ ही पलों में पलकें आपस में चिपक गईं। तेज जलन और दर्द के कारण बच्चा जोर-जोर से रोने लगा।
बच्चे की आवाज सुनकर स्कूल स्टाफ मौके पर पहुंचा और तत्काल परिजनों को सूचना दी। परिजन बच्चे को पहले कुशलगढ़ अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से उसे महात्मा गांधी अस्पताल, बांसवाड़ा रेफर किया गया। वहां नेत्र शल्य चिकित्सा की सुविधा नहीं होने के कारण चिकित्सकों ने बच्चे को बेहतर उपचार के लिए उदयपुर भेज दिया।
महात्मा गांधी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. केरवी मेहता ने बताया कि फेवीक्विक के केमिकल प्रभाव से बच्चे की दोनों आंखों की पलकें मजबूती से चिपक चुकी थीं। मामले की गंभीरता और बच्चे की पीड़ा को देखते हुए तत्काल उच्च स्तरीय इलाज आवश्यक था, इसलिए उसे उदयपुर रेफर किया गया है।