फर्जी साइन का डर दिखाकर ई-मित्र संचालक से मांगी थी घूस
बांसवाड़ा, 9 मार्च: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते दो सरकारी कर्मचारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में कोष कार्यालय के सहायक प्रशासनिक अधिकारी (AAO) मिलन भट्ट और तहसील कार्यालय के वरिष्ठ सहायक (UDC) कचरू कटारा शामिल हैं।
एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार परिवादी ने ई-मित्र के माध्यम से जाति और मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। इस दौरान वरिष्ठ सहायक कचरू कटारा ने आवेदन में पटवारी के हस्ताक्षर को फर्जी बताते हुए परिवादी को पुलिस केस में फंसाने की धमकी दी और मामला निपटाने के बदले 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने 26 और 27 फरवरी को शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद एसीबी के उप महानिरीक्षक रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में बांसवाड़ा इकाई ने ट्रैप की योजना बनाई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया।
सोमवार को जैसे ही परिवादी ने कचरू कटारा को रिश्वत की रकम दी, उसने वह राशि अपने परिचित मिलन भट्ट को सौंप दी। इसी दौरान एसीबी टीम ने दोनों को रिश्वत राशि सहित रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
एसीबी की टीम आरोपियों से पूछताछ कर रही है तथा उनके निवास स्थानों की तलाशी भी ली जा रही है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच जारी है।