टेंडरों में अनियमितता व पद के दुरुपयोग के आरोप, सरकार ने दी अभियोजन स्वीकृति
उदयपुर, 11 मार्च: उदयपुर में हाईकोर्ट के आदेश पर पदस्थ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. शंकरलाल बामणिया के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर अब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) जांच करेगी। राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जांच शुरू करने की अनुमति दे दी है। इस संबंध में शासन संयुक्त सचिव निशा मीणा ने आदेश जारी कर एसीबी को अग्रिम कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
एसीबी को डॉ. बामणिया के खिलाफ पद के दुरुपयोग और टेंडरों में अनियमितता से जुड़ी शिकायतें मिली थीं। प्रारंभिक जांच में मामला कार्रवाई योग्य पाए जाने पर एसीबी ने सरकार से अभियोजन स्वीकृति मांगी थी। इसके बाद विभागीय मंत्री से मंजूरी मिलने पर जांच की अनुमति जारी की गई।
नियमों के तहत ली गई स्वीकृति
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 17-ए के तहत किसी भी लोक सेवक के खिलाफ जांच से पहले सक्षम प्राधिकारी की अनुमति आवश्यक होती है। इसी प्रक्रिया के तहत कार्मिक विभाग ने फाइल की समीक्षा कर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई के लिए भेजा था।
जांच शुरू करेगी एसीबी
आदेश की प्रति एसीबी महानिदेशक को भी भेज दी गई है, जिससे ब्यूरो अब मामले की विस्तृत जांच शुरू करेगा। उल्लेखनीय है कि उदयपुर में वर्तमान में दो सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य और डॉ. शंकरलाल बामणिया कार्यरत हैं। डॉ. बामणिया फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश से पद पर बने हुए हैं। जांच की खबर के बाद चिकित्सा विभाग में हलचल बढ़ गई है