पं. चतुरलाल जन्मशती पर शिल्पग्राम में ‘स्मृतियां’ कॉन्सर्ट, विदेशी कलाकार की संतूर प्रस्तुति ने मोहा
उदयपुर, 6 मार्च: पंडित चतुरलाल मेमोरियल सोसायटी एवं हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में महान तबला वादक पंडित चतुरलाल की जन्मशती वर्ष के उपलक्ष्य में शिल्पग्राम के मुक्ताकाशी रंगमंच पर “स्मृतियां” कॉन्सर्ट का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शास्त्रीय संगीत और सूफियाना रंग में रंगी प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में पद्मभूषण से सम्मानित मोहन वीणा वादक पंडित विश्वमोहन भट्ट और तंत्री सम्राट पंडित सलील भट्ट की जुगलबंदी मुख्य आकर्षण रही। मोहन वीणा और सात्विक वीणा से निकले मधुर सुरों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। दोनों कलाकारों ने स्वरचित विश्व रजनी राग में आलाप, जोड़ आलाप और तीन ताल में गत प्रस्तुत कर खूब सराहना बटोरी। इसके साथ ही राजस्थान के प्रसिद्ध लोकगीत “केसरिया बालम पधारो म्हारे देश” की प्रस्तुति पर श्रोताओं ने तालियों से स्वागत किया।
स्वीडन की संतूर वादक अंतरराष्ट्रीय कलाकार मोआ डेनियलसन ने राग भागेश्री में संतूर वादन कर अपनी कला का जादू बिखेरा। उनके साथ तबले पर पं. चतुरलाल के पौत्र प्रांशु चतुरलाल ने संगत की, जिनकी उंगलियों की थाप ने कार्यक्रम को और भी ऊर्जावान बना दिया।
कार्यक्रम के अंत में दिल्ली से आए नियाजी निजामी ब्रदर्स की सूफियाना कव्वाली ने माहौल को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। उन्होंने अमीर खुसरो के कलाम “छाप तिलक सब छीनी…” से शुरुआत करते हुए “ख्वाजा मेरे ख्वाजा”, “दमादम मस्त कलंदर” और “तुम्हें दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी” जैसी कव्वालियों की प्रस्तुति दी, जिस पर श्रोता देर तक झूमते रहे।
इस अवसर पर जिला कलेक्टर नमित मेहता, हिन्दुस्तान जिंक की सीएसआर हेड अनुपम निधि सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। यह स्मृतियां कॉन्सर्ट का 26वां वर्ष रहा, जो पंडित चतुरलाल की संगीत विरासत को समर्पित है।