डूंगरपुर की गिरती रैंकिंग पर ‘करो या मरो’ की चेतावनी
डूंगरपुर, 10 फरवरी: राज्य सरकार द्वारा नियुक्त स्वच्छता के प्रदेश ब्रांड एम्बेसडर के.के. गुप्ता ने मंगलवार को डूंगरपुर दौरे के दौरान नगरपरिषद में आयोजित बैठक में स्वच्छता व्यवस्था की बदहाली पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने गिरती स्वच्छता रैंकिंग को लेकर अधिकारियों को ‘करो या मरो’ की तर्ज पर काम करने की सख्त हिदायत दी।
एडीएम एवं प्रशासक दिनेशचन्द्र धाकड़ तथा आयुक्त प्रकाश डूडी की मौजूदगी में गुप्ता ने रुडिप अधिकारियों को सीवरेज और जल परियोजनाओं के चलते शहर की सड़कों को जगह-जगह खोदने पर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि पहले जो नुकसान किया गया है, उसे तुरंत सुधारा जाए और सड़कें पहले जैसी “कांच की तरह चमकती” हालत में लौटाई जाएं।
गुप्ता ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर सड़कें दुरुस्त नहीं हुईं तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
शहर की बिगड़ती हालत पर चिंता
ब्रांड एम्बेसडर ने कहा कि डूंगरपुर कभी स्वच्छता की मिसाल था, लेकिन अब हालात बिगड़ चुके हैं। गंदगी के कारण पर्यटन प्रभावित हो रहा है। बगीचों की हालत खराब है, 38 फाउंटेन में से केवल 4 ही चालू हैं और स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। कचरा यार्ड में कचरा जलाना नियमों के खिलाफ बताया गया।गुप्ता ने कर्मचारियों और अधिकारियों को दोहरी क्षमता से काम करने का निर्देश देते हुए कहा कि अब केवल बातों से नहीं, बल्कि धरातल पर परिणाम दिखाने होंगे। लापरवाही बरतने वालों पर सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।
गेपसागर झील और सार्वजनिक स्थलों की दुर्दशा
उन्होंने गेपसागर झील की स्थिति पर भी नाराजगी जताई और कहा कि मत्स्याखेट पर कोई नियंत्रण नहीं है। खाली भूखंड कचरे के ढेर बन चुके हैं और सार्वजनिक शौचालयों में गंदगी फैली हुई है।