11 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज

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पॉक्सो न्यायालय ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए दी सख्त टिप्पणी
उदयपुर, 20 फरवरी:
विशिष्ट न्यायालय (पॉक्सो प्रकरण) ने 11 वर्षीय नाबालिग बालिका से दुष्कर्म और अप्राकृतिक कृत्य के आरोपी चन्द्रशेखर की प्रथम जमानत याचिका खारिज कर दी। न्यायालय ने अपराध की गंभीरता और पीड़िता की कम आयु को ध्यान में रखते हुए राहत देने से इनकार किया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता की मां आरोपी के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। आरोप है कि सितंबर 2025 से नवंबर 2025 के बीच आरोपी ने नाबालिग को डरा-धमकाकर कई बार दुष्कर्म किया। पीड़िता द्वारा मां को जानकारी देने के बाद मामला पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में आया और सविना थाने में प्रकरण दर्ज किया गया।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने मेडिकल रिपोर्ट में चोट के निशान नहीं होने का हवाला देते हुए मामले को झूठा बताया। हालांकि पीठासीन अधिकारी संजय कुमार भटनागर ने इन दलीलों को अस्वीकार कर दिया। न्यायालय ने शैक्षणिक अभिलेखों के आधार पर पीड़िता की जन्मतिथि 21 जनवरी 2014 मानते हुए उसकी आयु 11 वर्ष बताई और कहा कि यह गंभीर व समाज के विरुद्ध अपराध है। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि प्रकरण साक्ष्य की अवस्था में है तथा पीड़िता के बयान अभी शेष हैं। मामले के गुण-दोष पर टिप्पणी किए बिना जमानत अर्जी नामंजूर कर दी।