समीक्षा के बाद ही रिलीज की मांग, समाज पर टिप्पणी को बताया चिंताजनक
उदयपुर, 11 फरवरी: राजस्थान ब्राह्मण महासभा ने नई हिंदी फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के नाम और विषयवस्तु पर कड़ी आपत्ति जताते हुए फिल्म का नाम बदलने तथा समीक्षा के बाद ही रिलीज की अनुमति देने की मांग की है। महासभा का कहना है कि फिल्म के वर्तमान शीर्षक से समाज विशेष की छवि प्रभावित हो सकती है और रिलीज के बाद विवाद की स्थिति बन सकती है।
बुधवार को उदयपुर आए महासभा के प्रदेश प्रमुख महामंत्री मधुसूदन शर्मा ने कहा कि देश में ब्राह्मण समाज को लेकर उत्पीड़न की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हर मामले में ब्राह्मण समाज को टारगेट करने का फैशन बनता जा रहा है, जो चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समुदाय बदले की कार्रवाई में विश्वास नहीं रखता, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि समाज पर किसी भी तरह की टिप्पणी की जाए।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि फिल्म को दोबारा रिव्यू कर आपत्तिजनक अंश हटाए जाएं ताकि भविष्य में किसी प्रकार की सामाजिक अशांति न हो।
महासभा के प्रदेश महामंत्री कुलदीप शर्मा ने बताया कि प्रदेश व जिला पदाधिकारियों ने सरकार के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई है और समाजजनों के खिलाफ अपमानजनक संबोधनों पर रोक लगाने की मांग की है।