आदिवासी बहनों से जमीन हड़पने पर मामला दर्ज

A 25 kg garland was put on the pilot using a crane

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पीड़िताओं ने आईजी को दिया था परिवाद
उदयपुर, 25 फरवरी:
जिले के घासा क्षेत्र से जमीन हड़पने का गंभीर मामला सामने आया है। आठ आदिवासी बहनों ने तीन लोगों पर उनकी पुश्तैनी कृषि भूमि धोखाधड़ी से अपने नाम करवाने का आरोप लगाया है। पुलिस महानिरीक्षक गौरव श्रीवास्तव के निर्देश पर घासा थाने में दर्ज किया गया है। आरोपियों में शामिल दो जने पुलिसकर्मी बताए जा रहे हैं।
घासा निवासी केसी, छगुडी, टमु, नाथी, नोजी, मांगी, लाली और सीमा ने पुलिस महानिरीक्षक को दिए परिवाद में बताया कि वे सभी अशिक्षित हैं और अनुसूचित जनजाति से संबंध रखती हैं। उनके पिता के निधन के बाद ग्राम घासा स्थित आराजी संख्या 3465, रकबा 0.0728 हेक्टेयर भूमि उनके नाम विरासत में दर्ज हुई थी।
महिलाओं के अनुसार परिवार की दो विधवा बहनों की आर्थिक सहायता के लिए उन्होंने अपनी कुल 9 बिस्वा जमीन में से केवल 3 बिस्वा बेचने का निर्णय लिया था। इस दौरान दीपक टांक नामक व्यक्ति ने उचित दाम दिलाने का आश्वासन दिया। आरोप है कि 29 जनवरी 2026 को उपपंजीयक कार्यालय घासा में रजिस्ट्री के दौरान उनकी अनपढ़ता का फायदा उठाकर पूरी 9 बिस्वा जमीन की रजिस्ट्री करवा ली गई। परिवाद में दीपक टांक (घासा), सीताराम (दौसा) और गिर्राज प्रसाद मीणा (लालसोट, दौसा) को नामजद किया गया है। गिर्राज प्रसाद के बारे में महिलाओं का आरोप है कि वह पुलिस विभाग में कार्यरत है और रजिस्ट्री के समय गलत पहचान बताई। विरोध करने पर कथित रूप से धमकी भी दी गई। थाना घासा में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 61(2) तथा एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच आईपीएस आशिमा वासवानी को सौंपी गई है।