चम्बल बुझाएगी चित्तौड़गढ़ के 325 गांवों की प्यास

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646 करोड़ की परियोजना को मिली वित्तीय मंजूरी, जल्द शुरू होगा कार्य, 646 करोड़ की परियोजना, जल्द शुरू होगा कार्य
उदयपुर, 19 फरवरी:
चित्तौड़गढ़ जिले के सैकड़ों गांवों में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। चम्बल पेयजल परियोजना के तहत जिले की चार तहसीलों के 325 गांवों तक घर-घर मीठा पानी पहुंचाने की योजना को वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। इसके बाद जल्द ही वर्क ऑर्डर जारी होने की उम्मीद है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में राहत की नई उम्मीद जगी है।
चम्बल पेयजल परियोजना (फेज 2-बी) के अंतर्गत चित्तौड़गढ़ जिले में इस महत्वाकांक्षी कार्य पर 646 करोड़ रुपए खर्च होंगे। विभाग द्वारा पूर्व में इसके लिए टेंडर आमंत्रित किए गए थे, जिसमें आठ फर्मों ने भाग लिया। वित्तीय स्वीकृति जारी होने के बाद अब दस्तावेज जांच की प्रक्रिया पूरी कर वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा।
2200 करोड़ का राज्यस्तरीय प्रोजेक्ट
यह परियोजना केवल चित्तौड़गढ़ तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार ने बजट में घोषणा करते हुए चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और राजसमंद जिलों के गांवों तक चम्बल का पानी पहुंचाने का प्रस्ताव रखा है। पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 2200 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
इस चरण में चित्तौड़गढ़ तहसील के 212 गांव, गंगरार के 2 गांव, भदेसर के 45 गांव और निम्बाहेड़ा के 66 गांव शामिल हैं। जल जीवन मिशन के तहत करीब 41 हजार घरों में नल कनेक्शन के माध्यम से पानी पहुंचाया जाएगा। योजना के तहत करीब 3200 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसमें मुख्य लाइन के साथ घरों तक सप्लाई लाइन भी शामिल होगी। साथ ही 47 उच्च जलाशयों का निर्माण किया जाएगा ताकि पर्याप्त दबाव के साथ पानी गांवों तक पहुंच सके। 10 पंप हाउस भी बनाए जाएंगे।
डार्क जोन गांवों को मिलेगा बड़ा लाभ
चित्तौड़गढ़ जिले का अधिकांश हिस्सा डार्क जोन में है। गिरते भूजल स्तर के कारण फ्लोराइड की मात्रा बढ़ रही है। चम्बल का पानी पहुंचने से ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा और स्वास्थ्य समस्याओं में कमी आएगी। अधीक्षण अभियंता सुनीत कुमार गुप्ता ने बताया कि वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है और आगे की कार्यवाही जारी है। जल्द ही कार्य प्रारंभ होने की उम्मीद है।