चित्तौड़गढ़, 23 फरवरी: जिला अस्पताल में ड्यूटी डॉक्टर के साथ कथित अभद्रता और धक्का-मुक्की के विरोध में डॉक्टरों ने सोमवार को एक घंटे की सांकेतिक हड़ताल की। इसके बाद उन्होंने अस्पताल से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई। डॉक्टरों का कहना है कि यदि अस्पताल में पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिली तो भविष्य में ऐसे माहौल में काम करना मुश्किल हो जाएगा।
रविवार देर रात 65 वर्षीय रतनलाल गुर्जर को बीपी और शुगर की समस्या के चलते जिला अस्पताल लाया गया था। इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर मनीष ने जांच के बाद उन्हें मेल वार्ड में भर्ती किया। परिजनों के अनुसार कुछ देर बाद उनकी हालत बिगड़ी और आईसीयू में शिफ्ट करने के दौरान मौत हो गई। डॉक्टरों का कहना है कि मरीज की स्थिति पहले से गंभीर थी और हरसंभव प्रयास किए गए।
मौत की सूचना पर परिजन आक्रोशित हो गए और डॉक्टर मनीष से धक्का-मुक्की का आरोप है। मौके पर पहुंचे डॉक्टर जगदीश के साथ भी अभद्रता की बात सामने आई। सूचना पर सदर थाना पुलिस पहुंची और स्थिति संभाली। डॉक्टरों ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रभा गौतम और एडिशनल एसपी सरिता सिंह को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा गार्ड बढ़ाने की मांग की। हड़ताल के बाद चिकित्सकों ने ड्यूटी संभाल ली। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का आश्वासन दिया है।