बोर्ड में पूरा, जमीन पर अधूरा—सीएम सड़क योजना की खुली पोल

A 25 kg garland was put on the pilot using a crane

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72 लाख की लागत वाली सड़क आठ माह से अधर में, ग्रामीणों में आक्रोश
सलूंबर, 28 दिसंबर:
मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के दावे सलूंबर जिले में खोखले साबित होते नजर आ रहे हैं। झल्लारा से काजावाड़ा वाया सिंगपुर तक प्रस्तावित करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़क को कागजों में आठ माह पहले ही “निर्मित” बता दिया गया, जबकि हकीकत में सड़क आज भी अधूरी पड़ी है। हैरानी की बात यह है कि मौके पर निर्माण शुरू होने और पूरा होने की तिथि दर्शाता बोर्ड भी लगा हुआ है, लेकिन सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और उखड़ी परतें विभागीय लापरवाही की गवाही दे रही हैं।
इस सड़क के निर्माण के लिए लगभग 72 लाख 16 हजार रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। लोक निर्माण विभाग सलूंबर द्वारा लगाए गए बोर्ड के अनुसार कार्य 17 जनवरी 2025 को शुरू होकर 16 अप्रैल 2025 को पूरा होना दर्शाया गया, लेकिन मौके पर न तो निर्माण पूरा है और न ही सड़क चलने लायक स्थिति में है।
ग्रामीणों में नाराजगी, जांच की मांग
ग्रामीण हरीश पटेल और लोकेश मीणा ने बताया कि सड़क पर कई जगह लेयरिंग अधूरी है। कुछ हिस्सों में बनी सड़क भी उधड़ चुकी है और बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। इससे आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की है।
विभाग का दावा—बारिश से रुका काम
मामले में पीडब्ल्यूडी एक्सईएन मणिलाल मेघवाल ने कहा कि अप्रैल 2025 संभावित पूर्णता तिथि थी, जिसका बोर्ड ठेकेदार ने लगाया था। बारिश के कारण काम रुक गया था। हालांकि बारिश बीते काफी समय हो चुका है, इसके बावजूद कार्य शुरू नहीं होने पर वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उन्होंने ठेकेदार से बात कर 10 दिन में काम शुरू कराने का आश्वासन दिया है।