आमजन रूबरू हो रहे जिले के पंच गौरव से
उदयपुर, 5 मार्च: जिला स्तरीय पंच गौरव मेला एवं प्रदर्शनी का शुभारंभ गुरूवार से फतहसागर की पाल पर हुआ। जिले की विशिष्ट पहचान, प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विरासत को जिला स्तर पर स्थापित करने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया यह मेला 7 मार्च तक चलेगा। इसमें जिले के पंच गौरव से जुड़ी जानकारी तथा उत्पादों को प्रदर्शित किया गया हैं। वहीं युवाओं के लिए सांस्कृतिक एवं अन्य आयोजन भी किए जा रहे हैं।
जिला स्तरीय पंच गौरव मेले का शुभारंभ गुरूवार शाम को पंच गौरव कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष एवं जिला कलक्टर नमित मेहता ने फीता काट कर किया। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर जितेंद्र ओझा एवं एसडीएम गिर्वा अवुला सांईकृष्ण भी बतौर अतिथि उपस्थित रहे। प्रारंभ में पंच गौरव सदस्य सचिव पुनीत शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया।
जिला कलक्टर मेहता ने मेले में सजी स्टाल्स का बारिकी से अवलोकन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मेला स्थल पर एक जिला एक उत्पाद-मार्बल एवं ग्रेनाईट, एक जिला एक उपज-सीताफल, एक जिला एक वनस्पति प्रजाति-महुआ, एक जिला एक खेल-तैराकी, एक जिला एक पर्यटन स्थल-फतेहसागर एवं पिछोला के समग्र विकास एवं संरक्षण की अवधारणा को केंद्र में रखकर प्रदर्शनी और गतिविधियों का आयोजन किया गया।
उद्यानिकी विभाग की ओर से सीताफल उत्पादों से जुड़ी स्टाल्स सजाई गई। साथ ही वन विभाग और राजीविका के माध्यम से महुआ उत्पादों से जुड़ी जानकारी भी प्रदर्शित की गई है। पर्यटन विभाग ने पिछोला और फतहसागर सहित जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों के संबंध में जानकारी व प्रसार सामग्री प्रदर्शित की। जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से 5 स्टाल्स पर स्टोन मार्ट सजा गया। इसमें जिले में मिलने वाले मार्बल-ग्रेनाईट की विभिन्न वैरायटी के साथ उनके उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है।
खेल विभाग ने तैराकी खेल से जुड़ी जानकारियां सांझा की। वहीं शिक्षा विभाग ने पंच गौरव साक्षरता क्लब के माध्यम से हुई प्रतियोगिताओं के विजेताओं की कलाकृतियां प्रदर्शित की। कार्यक्रम के दौरान उप वन संरक्षक मुकेश सैनी, जिला उद्योग केंद्र महाप्रबंधक शैलेंद्र शर्मा, उपनिदेशक उद्यानिकी डा कैलाशचंद्र शर्मा, संयुक्त निदेशक पर्यटन सुनीता सरोच, उपनिदेशक शिखा सक्सेना, जिला खेल अधिकारी डॉ महेश पालीवाल, मार्बल एसोसिएशन से हितेष पटेल सहित कई अधिकारी, कर्मचारी तथा आमजन उपस्थित रहे।
कठपुतली के माध्यम से समझाया महत्व
मेला स्थल पर लोक कलाकारों ने कठपुतली के माध्यम से जिले के पंच गौरव और उनका महत्व समझाया। मनोरंजन अंदाज में दी गई प्रस्तुतियों को अतिथियों और आमजन ने बहुत सराहा। कयाकिंग प्रदर्शन का अवलोकन आयोजन स्थल पर खेल विभाग की ओर से कयाकिंग प्रदर्शन भी रखा गया। कयाकिंग व कैनाईंग के राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों ने तनिष्क पटवा के निर्देशन में फतहसागर झील में अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। जिला कलक्टर ने भी रेस्क्यू बोट के माध्यम से अवलोकन किया।
यह भी है आकर्षण
पंच गौरव मेला स्थल पर फूड कोर्ट भी उपलब्ध है। इसमें मेलार्थी स्थानीय चटपटे व्यंजनों का स्वाद ले सकत हैं। इसके अलावा सेल्फी पोईंट भी बनाया गया है, जिसके माध्यम से लोग पंच गौरव मेले से जुड़ी यादें और विश्व प्रसिद्ध फतहसागर झील की नैसर्गिंक सुंदरता को कैमरे में कैद कर सकते हैं।