पूर्व नेता बोले- पार्टी दिशाहीन, राजकुमार रोत ने किया हाईजैक; रोत का पलटवार- हमें फर्क नहीं पड़ता
बांसवाड़ा, 15 फरवरी: भारत आदिवासी पार्टी (BAP) को बांसवाड़ा में बड़ा झटका लगा है। गढ़ी विधानसभा से बीएपी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके प्रो. मणिलाल गरासिया ने 12 कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। इसके बाद गरासिया ने बीएपी नेतृत्व पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पार्टी अब दिशाहीन हो चुकी है और वहां केवल नफरत की राजनीति चल रही है।
प्रो. गरासिया ने आरोप लगाया कि राजकुमार रोत और कुछ गिने-चुने नेताओं ने निजी स्वार्थ के लिए पूरी पार्टी को हाईजैक कर लिया है। आदिवासी समाज के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है और क्षेत्र का विकास रुक गया है। उन्होंने कहा कि बीएपी ने कांग्रेस सरकार को समर्थन दिया, लेकिन पांच साल में क्षेत्र के लिए क्या किया, यह बताना चाहिए।
गरासिया ने कहा कि अब वे राष्ट्रीय विचारधारा वाली कांग्रेस के साथ जुड़कर भील युवाओं को मुख्यधारा में लाने का प्रयास करेंगे और जातिवादी राजनीति को खत्म करेंगे।
रोत का पलटवार- “डेढ़ साल पहले निकाल चुके”
बीएपी सुप्रीमो और सांसद राजकुमार रोत ने गरासिया के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें डेढ़ साल पहले ही पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते निष्कासित किया जा चुका है। उनके जाने से पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। रोत ने यह भी आरोप लगाया कि गरासिया पर्दे के पीछे भाजपा के लिए काम कर रहे थे।
PCC कार्यालय में दिलाई गई सदस्यता
जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में प्रदेश प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने गरासिया को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई। इस दौरान जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह बामणिया और वरिष्ठ नेता दिनेश खोड़निया भी मौजूद रहे। बाद में गरासिया ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी मुलाकात की।
12 कार्यकर्ताओं ने भी छोड़ा बीएपी का साथ
गरासिया के साथ कई पदाधिकारियों ने भी कांग्रेस जॉइन की। राजनीतिक जानकारों के अनुसार इस दलबदल से बांसवाड़ा-डूंगरपुर क्षेत्र में कांग्रेस को मजबूती मिल सकती है, जबकि बीएपी के वोट बैंक में सेंध लगने की संभावना है।