3 करोड़ के लेनदेन का आरोप लगाकर 15 लाख ट्रांसफर कराने का दबाव, बेटी की सूझबूझ से बची रकम
चित्तौड़गढ़, 10 मार्च : साइबर ठगों ने पुलवामा हमले का नाम लेकर एक बुजुर्ग दंपती को 72 घंटे तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा और उनके खाते में 3 करोड़ रुपए के संदिग्ध लेनदेन का आरोप लगाकर लाखों रुपए ऐंठने की कोशिश की। ठगों ने दंपती को इतना डरा दिया कि वे तीन दिन तक फोन और वीडियो कॉल पर उनके संपर्क में रहे।
पीड़िता के अनुसार शनिवार को एक कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताते हुए कहा कि पुलवामा मामले में उनके नाम से केनरा बैंक का डेबिट कार्ड और सिम जारी हुई है, जिसका इस्तेमाल धोखाधड़ी में हुआ है। बाद में एक अन्य व्यक्ति ने खुद को पुणे पुलिस अधिकारी बताकर लंबी पूछताछ शुरू कर दी।
ठगों ने दंपती को बताया कि उनके खाते में करीब 3 करोड़ रुपए का संदिग्ध लेनदेन हुआ है और जांच पूरी होने तक किसी से बात नहीं करने की चेतावनी दी। करीब 72 घंटे तक उन्हें वीडियो कॉल पर रखा, यहां तक कि फोन टेबल पर रखकर हर गतिविधि पर नजर रखने को कहा।
इसके बाद ठगों ने जांच के नाम पर एफडी तुड़वाकर आरटीजीएस से रकम ट्रांसफर करने का दबाव बनाया। दंपती एसबीआई की शाखाओं में पहुंचकर करीब 15 लाख रुपए ट्रांसफर करने ही वाले थे कि उन्हें शक हुआ।
उन्होंने दूसरे फोन से बेटी को जानकारी दी। बेटी ने तुरंत इसे साइबर ठगी बताते हुए नंबर ब्लॉक करने और ट्रांजैक्शन रोकने को कहा। बैंक अधिकारियों के सहयोग से समय रहते कार्रवाई हुई और दंपती के लाखों रुपए बच गए। पीड़िता ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है।