सभापति के कथित फर्जी हस्ताक्षर, अवैध विक्रय विलेख और बिजली कनेक्शन प्रकरण से मचा हड़कंप
प्रतापगढ़, 20 फरवरी: नगर परिषद में फर्जी पट्टों और दस्तावेजों का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जांच में सामने आया कि तत्कालीन कार्यकारी सभापति कौशल्या के 21 दिन के कार्यकाल से जुड़े कई दस्तावेजों पर उनके कथित हस्ताक्षर पाए गए, जिन्हें उन्होंने लिखित में अप्रमाणिक और अवैध बताया है। प्रकरण ने शहर में सक्रिय भू-माफियाओं की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच के दौरान कई पट्टे, पंजीयन दस्तावेज और स्वीकृतियां मिलीं, जिन पर कौशल्या के हस्ताक्षर दर्शाए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 26 अप्रैल 2022 के बाद जारी किसी भी दस्तावेज पर उनके हस्ताक्षर नहीं हैं। मामला तब और गंभीर हो गया जब आयुक्त ने 6 फरवरी 2025 को 29 अप्रैल 2022 के एक विक्रय विलेख को खारिज कर दिया। यह विलेख देवगढ़ दरवाजे के पास 768.5 वर्गफीट भूखंड से संबंधित था, जो प्रहलाद गुर्जर के नाम जारी बताया गया था, जबकि उस समय कौशल्या का कार्यकाल समाप्त हो चुका था।
इसी कड़ी में मुस्तफा बोहरा प्रकरण भी सामने आया, जहां कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए रुबाब बोहरा के नाम बिजली कनेक्शन लेकर बिल जमा किए जा रहे थे। ‘ऑपरेशन चंगुल’ की भनक लगते ही अवैध कब्जाधारियों के फरार होने की बात भी सामने आई है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि सभी संदिग्ध पट्टों, दस्तावेजों और कब्जों की गहन जांच की जाएगी। आने वाले दिनों में और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
प्रतापगढ़ नगर परिषद में फर्जी पट्टों का खुलासा
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