क्षेत्रीय कृषि मेला-2026 में किसानों को उन्नत तकनीक व जैविक खेती का संदेश
उदयपुर, 8 फरवरी: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि किसान अन्नदाता ही विकसित भारत की मजबूत नींव है। किसानों की समृद्धि के बिना देश का विकास संभव नहीं है।
वे महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय तथा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित क्षेत्रीय कृषि मेला-2026 के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
कृषि मेलों से बढ़ता उत्पादन और आय
केंद्रीय मंत्री चौधरी ने कहा कि ऐसे कृषि मेलों के माध्यम से किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक तकनीक, नवीन कृषि यंत्रों और विपणन रणनीतियों की जानकारी मिलती है। इससे उत्पादन बढ़ता है और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। उन्होंने बदलते जलवायु परिदृश्य में किसानों की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि बीज अंकुरण से लेकर फसल कटाई, भंडारण और सुरक्षित विपणन तक किसानों को नई तकनीकों की आवश्यकता है।
जैविक खेती पर विशेष जोर
चौधरी ने पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए जैविक खेती अपनाने और रासायनिक कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने का आह्वान किया। केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर के निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर ने किसानों से परंपरागत ज्ञान के साथ विज्ञान को जोड़कर कृषि एवं पशुपालन को उन्नत बनाने की अपील की। कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह ने विश्वविद्यालय द्वारा विकसित उन्नत फसल किस्मों की जानकारी देते हुए बताया कि भविष्य में संकर बीज राजस्थान राज्य बीज निगम के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे।
तकनीकी पुस्तिका का विमोचन व सम्मान
इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिक डॉ. आर. एल. सोलंकी की पुस्तिका “सफल कृषि उद्यमी” का विमोचन किया गया। वरिष्ठ पत्रकार पीयूष शर्मा और महाराष्ट्र की कृषि उद्यमी शोभा को नवाचार व जैविक उत्पादों के लिए सम्मानित किया गया। मेले में उन्नत कृषि तकनीकों का प्रदर्शन तथा विभिन्न राज्यों के किसानों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं।