राजस्थान में बड़ा फैसला
उदयपुर, 6 फरवरी: राजस्थान सरकार ने आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत संचालित सभी सरकारी एम्बुलेंस अब मरीज या उसके परिजनों की इच्छा के अनुसार नजदीकी निजी अस्पताल तक भी मरीज को पहुंचा सकेंगी।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा पूरी तरह नि:शुल्क रहेगी और एम्बुलेंस चालक मरीज को निजी अस्पताल ले जाने से मना नहीं कर सकेंगे। विभाग का उद्देश्य यह है कि दुर्घटना या गंभीर बीमारी की स्थिति में ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान मरीज को बिना देरी के शीघ्र इलाज मिल सके।
इस संबंध में NHM मिशन निदेशक डॉ. अमित यादव ने आदेश जारी करते हुए कहा कि राज्य में संचालित सभी एम्बुलेंस को RFP के क्लॉज 2.2 के तहत इन निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। यह आदेश एम्बुलेंस सेवा प्रदाता संस्थाओं TCIL और EMRI ग्रीन हेल्थ सर्विसेज को भी भेज दिया गया है।
सरकार के इस कदम से गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलेगी, खासकर उन मामलों में जहां तत्काल विशेषज्ञ उपचार के लिए निजी अस्पताल ले जाना आवश्यक होता है।
सरकारी एम्बुलेंस अब मरीज की इच्छा पर निजी अस्पताल भी ले जा सकेगी
A 25 kg garland was put on the pilot using a crane