दो दिन में दो किसानों पर हमला, एक महीने में तीसरी घटना
उदयपुर, 8 मार्च: अरावली पर्वतमाला में स्थित कुंभलगढ़ अभयारण्य से सटे गांवों में जंगली भालुओं का आतंक बढ़ता जा रहा है। उदयपुर जिले के सायरा थाना क्षेत्र में दो दिनों के भीतर दो किसानों पर भालुओं के हमले की घटनाएं सामने आई हैं, जबकि पिछले एक महीने में यह तीसरी वारदात है। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल है। पहले जहां लोग तेंदुओं की गतिविधियों से परेशान थे, वहीं अब भालुओं की बढ़ती मौजूदगी ने चिंता और बढ़ा दी है। वन विभाग के अधिकारी भरत मेघवाल ने ग्रामीणों को फिलहाल जंगल या खेतों में अकेले नहीं जाने की सलाह दी है।
खेत पर जा रहे किसान पर हमला
ताजा घटना रविवार सुबह करीब 8 बजे करदा क्षेत्र के नोतल की भागल गांव में हुई। किसान पेमाराम गमेती खेत पर फसल की रखवाली के लिए जा रहे थे। इसी दौरान झाड़ियों से निकले तीन जंगली भालुओं के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। भालुओं ने उनके सिर, चेहरे और पैरों को बुरी तरह नोच डाला, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर पास में मौजूद भेरूलाल सुथार मौके पर पहुंचे और शोर मचाया। ग्रामीणों के एकत्र होने पर भालू जंगल की ओर भाग गए। घायल किसान को पहले गोगुंदा अस्पताल और बाद में उदयपुर के एमबी अस्पताल रेफर किया गया।
एक दिन पहले भी हुआ हमला
इसके एक दिन पहले सायरा थाना क्षेत्र के कड़ेचावास गांव में किसान प्रेमसिंह (40) पर भी भालू ने हमला कर दिया था। वह गेहूं की फसल की सिंचाई कर रहे थे। इससे पहले शुक्रवार रात रोयड़ा गांव में भी भालुओं के झुंड ने एक व्यक्ति पर हमला किया था।
कुंभलगढ़ अभयारण्य में बड़ी आबादी
करीब 610 वर्ग किलोमीटर में फैला कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य प्रदेश में भालुओं की बड़ी आबादी वाला क्षेत्र माना जाता है। गर्मी में भोजन और पानी की तलाश में भालू जंगल से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच जाते हैं। लगातार बढ़ती घटनाओं के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने और संवेदनशील गांवों में निगरानी मजबूत करने की मांग की है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
वन्यजीव विशेषज्ञ योगेश शर्मा के अनुसार भालू आमतौर पर शिकार के लिए हमला नहीं करते, लेकिन अचानक आमना-सामना होने या खतरा महसूस होने पर आक्रामक हो जाते हैं। इसलिए जंगल से सटे क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहकर समूह में खेतों पर जाने की सलाह दी गई है।