बिना डॉक्टर चल रहा था हेयर–स्किन क्लिनिक, सीज

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181 पोर्टल की शिकायत के बाद खुली क्लिनिक की पोल
उदयपुर, 22 दिसंबर:
उदयपुर शहर में अवैध रूप से संचालित चिकित्सा संस्थानों के विरुद्ध स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए भट्ट जी की बाड़ी क्षेत्र स्थित ‘द बाउंस हेयर एंड स्किन क्लिनिक’ पर सोमवार को कार्रवाई की है। यह कार्रवाई 181 पोर्टल पर प्राप्त एक शिकायत के आधार पर की गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक आदित्य ने बताया कि शिकायतकर्ता महिला को क्लिनिक में कराए गए उपचार के बाद गंभीर एलर्जी हो गई थी। उसे उपचार करने वाली महिला के डॉक्टर होने पर संदेह हुआ, जिसके बाद शिकायत दर्ज कराई गई।
सीएमएचओ के निर्देश पर गठित जांच दल में शहर प्रभारी एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. कैलाश शर्मा, भूपालपुरा चिकित्सा प्रभारी डॉ. अंकुर शर्मा तथा पब्लिक हैल्थ मैनेजर भूपेश रावल शामिल थे। टीम ने क्लिनिक पर पहुंचकर जांच की, जहां कोई भी पंजीकृत चिकित्सक मौजूद नहीं मिला।
जांच में सामने आया कि क्लिनिक का स्टेब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन भी नहीं कराया गया था। इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन प्रमाण पत्र भी उपलब्ध नहीं थे। जानकारी में आया कि एक दंत चिकित्सक पहले कार्यरत था, जिसने 10 दिसंबर को क्लिनिक छोड़ दिया था। वहीं, केवल एक फार्मासिस्ट का लाइसेंस लिया गया था, जिसके आधार पर दवाइयों की खरीद की जा रही थी।
क्लिनिक संचालक मनोज तिवारी पर सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक विज्ञापन कर आमजन को गुमराह करने का भी आरोप है। प्रारंभिक जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि संचालक के पास किसी प्रकार की मान्यता प्राप्त चिकित्सीय डिग्री नहीं है।
जांच दल में शामिल शहर की प्रभारी वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. कैलाश शर्मा ने तत्काल प्रभाव से क्लिनिक को सील करवा दिया। स्वास्थ्य विभाग ने संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि उपचार से पूर्व चिकित्सक की योग्यता की पुष्टि अवश्य करें।